नई दिल्ली : लगातार बढ़ते क्रिकेट शेड्यूल और खिलाड़ियों की चोटों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चिंता बढ़ा दी है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के तुरंत बाद खिलाड़ियों के लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का असर उनकी फिटनेस और प्रदर्शन पर पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय वनडे टीम के कई खिलाड़ी चोटों से जूझते नजर आए थे। खिलाड़ियों के वर्कलोड को कम करने और फिटनेस पर बेहतर तरीके से ध्यान देने के लिए अब बीसीसीआई ने अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) को पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार करने का फैसला किया है।
नए एफटीपी (FTP) में खिलाड़ियों को सीरीज के बीच पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय देने के साथ-साथ SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के दौरों से पहले परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए पर्याप्त समय और वॉर्म-अप मैच कराने की योजना है। प्रस्तावित उपायों में कैलेंडर को इस तरह से तैयार करना शामिल है कि खिलाड़ियों को सीरीज बीच ज्यादा आराम मिले और वे वहां के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल पाएं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने शुभमन गिल (टेस्ट और वनडे कप्तान), श्रेयस अय्यर (टी20 कप्तान), कोच गौतम गंभीर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ बैठक के बाद बताया, ‘‘हमने अपने एफटीपी से जुड़े लोगों को निर्देश दिए हैं। वे इंटरनेशनल मंचों को लेकर जल्द ही बैठक करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमने उनसे कहा है कि हमारा एफटीपी ऐसा होना चाहिए जिससे खिलाड़ियों को ठीक से आराम मिल सके और SENA देशों में किसी भी बड़ी सीरीज से पहले उन्हें वहां के माहौल में ढलने का मौका मिले या वे दोस्ताना मैच खेल पाएं।’’
भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम सीजन के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए बोर्ड मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में, खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने के मामलों पर बात हुई। इसकी एक वजह शायद बहुत ज्यादा मैचों वाला शेड्यूल हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देवाजीत सैकिया ने माना, ‘‘खिलाड़ियों को चोटें इसलिए लग रही हैं, क्योंकि उन्हें बहुत सारे मैच खेलने पड़ते हैं। अगर आप उनके शेड्यूल को देखें तो इंग्लैंड में 15 सदस्यों वाली वनडे टीम के 3-4 खिलाड़ी चोटिल हो गए थे। हमें यह भी सोचना होगा कि उससे पहले उन्होंने दो महीने आईपीएल खेला था। इन सब चीज़ों का खिलाड़ियों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।’’
अगले साल मार्च के आखिर में होने वाले IPL तक भारत का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। इसमें एशियन गेम्स के अलावा सात टेस्ट, 14 वनडे और 16 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले जाने हैं। हालांकि, बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट और कप्तानों को भरोसा दिलाया है कि वे बेहतर योजना बनाएंगे ताकि खिलाड़ियों को आराम मिल पाए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘मौजूदा एफटीपी के तहत ऐसी स्थितियों से बचने के लिए हम कुछ रास्ते खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास एक प्रोटोकॉल है कि चोट के बाद कोई खिलाड़ी इंटरनेशनल मैचों में कैसे वापसी कर सकता है। हम कप्तानों और हेड कोच से फीडबैक ले रहे हैं ताकि ऐसी अनचाही स्थितियों से बचने के लिए सही रणनीति बनाई जा सके।’’
देवाजीत सैकिया ने यह भी माना कि सभी एक ही राय रखते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई बहुत अच्छे से काम कर रहा है, जैसे कोई अच्छी तरह से काम करने वाला इंजन हो। बीसीसीआई के सभी विभागों के बीच अच्छा तालमेल है, चाहे वह महिला टीम की समितियां हों, तकीनीकी स्टाफ हो या कोच हों।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देवाजीत सैकिया ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “इन सभी का तालमेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भारतीय पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ और हेड कोच के साथ भी बहुत अच्छा है। तालमेल में किसी तरह की दिक्कत नहीं है और सब कुछ सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि बोर्ड के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सालभर में होने वाले मुकाबलों की बढ़ती संख्या है। इसी को ध्यान में रखते हुए अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) में कुछ जरूरी बदलाव और नए कदम उठाए जाएंगे।


