भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश के संचालक चंचल शेखर ने शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम CRC भोपाल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुरुष हॉकी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके प्रशिक्षण, अभ्यास एवं आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारियों के संबंध में चर्चा की।
दौरे के दौरान संचालक चंचल शेखर ने खिलाड़ियों से सीधे संवाद करते हुए उनके दैनिक प्रशिक्षण, फिटनेस, अभ्यास और अकादमी में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से उनकी खेल संबंधी आवश्यकताओं एवं प्रशिक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की।
खिलाड़ियों से संवाद कर जानी प्रशिक्षण संबंधी जरूरतें
संचालक चंचल शेखर ने पुरुष हॉकी खिलाड़ियों के साथ सहज संवाद किया। उन्होंने खिलाड़ियों से उनके प्रशिक्षण अनुभव, अभ्यास की दिनचर्या और खेल में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सहयोग एवं सुविधाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण के साथ अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और बेहतर प्रशिक्षण के माध्यम से खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण एवं सुविधाओं का लिया जायजा
संचालक शेखर ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण वातावरण, खिलाड़ियों की आवश्यकताओं तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर खेल सुविधाएं, फिटनेस, तकनीकी मार्गदर्शन, रिकवरी एवं आवश्यक सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
कोच एवं प्रशिक्षकों से भी की चर्चा
दौरे के दौरान संचालक ने हॉकी प्रशिक्षकों एवं कोच से भी खिलाड़ियों की तैयारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर चर्चा की। उन्होंने खिलाड़ियों की खेल क्षमता एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने प्रशिक्षकों से खिलाड़ियों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने और उनकी कमजोरियों पर विशेष रूप से कार्य करते हुए खेल कौशल को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा।
खिलाड़ी-केंद्रित व्यवस्थाओं पर जोर
संचालक चंचल शेखर ने कहा कि प्रदेश की खेल अकादमियों एवं प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ी-केंद्रित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। खिलाड़ियों को ऐसा अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, जिसमें वे पूरी एकाग्रता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
उन्होंने खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए निरंतर मेहनत, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।


