नई दिल्ली : भारत को 15 अगस्त 1947 को सदियों की गुलामी से आजादी मिली थी और देश विभाजन के दर्द से उबरते हुए पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ रहा था। ऐसे दौर में आजादी के महज चार साल बाद भारत ने पूरे एशिया को पहले ‘मिनी ओलंपिक’ यानी एशियाई खेलों का शानदार तोहफा दिया। साल 1951 में दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में 4 से 11 मार्च तक आयोजित पहले एशियाई खेलों में 11 देशों के 489 एथलीटों ने हिस्सा लिया। इन खेलों में आठ खेलों की 57 स्पर्धाएं आयोजित की गईं। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के संकेत पर और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मौजूदगी में पुराने किले से 31 तोपों की सलामी के साथ एशियाड का उद्घाटन हुआ। इन ऐतिहासिक खेलों के आयोजन के साथ भारत ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी एक नई पहचान बनाई, जिसकी विरासत आज भी कायम है।
दूसरे स्थान पर रहा भारत
| नंबर | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
| 01 | जापान | 24 | 21 | 15 | 60 |
| 02 | भारत | 15 | 16 | 20 | 51 |
02 नंबर पर पदक तालिका में भारत इसके बाद कभी नहीं आया।
क्रिकेट ने दिया साथ…
एशियाड के आयोजन का खर्च जुटाने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया ने 1 लाख रुपये का कर्ज दिया, जबकि क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया ने भी मोटी रकम की सहायता दी।
‘विदेशी’ ने भारत के लिए जीते दो स्वर्ण पदक
भारत के लिए एशियाई खेलों में दो स्वर्ण जीतने वाले लावी पिंटो का जन्म 23 अक्टूबर, 1929 को केन्या के नैरोबी में हुआ, जहां से वह बॉम्बे (अब मुंबई) पढ़ने के लिए आए थे। आजादी से पहले भारत ने ही रखी थी नींव… इन खेलों की नींव आजादी से भी पहले ही मार्च 1947 में दिल्ली में एशियाई संबंध सम्मेलन में भारत ने रखी थी। आईओसी सदस्य प्रो. जीडी सोंधी के एशियाई देशों के खेल महासंघ के ओलंपिक के आयोजन के प्रस्ताव पर 25 देश सहमत हुए।
क्या आप जानते हैं?
1951 में भारतीय फुटबॉल टीम ने जूते नहीं होने के चलते नंगे पैर एशियाड खेला और रोमाचंक फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था।
संसाधन ही नहीं थे
बिगड़ी अर्थव्यवस्था में निर्माण के लिए सीमेंट तक नहीं था। एशियाई देशों को 1949 में फरवरी 1950 में आयोजन के निमंत्रण भेजे गए। फरवरी से इसे पहले नवंबर, 1950 और फिर मार्च, 1951तक टालना पड़ा था।
सचिन थे पहले स्वर्ण विजेता
- 02 स्वर्ण 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में लावी पिंटो ने जीते।
- 800 मीटर दौड़ में भी रणजीत सिंह के नाम स्वर्ण पदक आया।
- 100 मी. फ्रीस्टाइल तैराकी में वाराणसी के सचिन नाग जीते जो एशियाड में भारत का सबसे पहला स्वर्ण था।


