नई दिल्ली : कोलंबिया फुटबॉल के चर्चित सितारों में शामिल जेम्स रोड्रिगेज ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 35 वर्षीय रोड्रिगेज ने करीब 15 साल तक कोलंबिया की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के बाद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन 2014 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें वैश्विक फुटबॉल के बड़े सितारों में पहचान दिलाई। उस विश्व कप में उनके प्रदर्शन की खास तौर पर चर्चा हुई और इसके बाद वह कोलंबियाई फुटबॉल के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
जेम्स रोड्रिगेज हुए भावुक, यादों ने किया भावुक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए भावुक वीडियो में अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘आज मैं आपसे दिल की बात करना चाहता हूं। कई साल, कई मैच, खुशियां और मुश्किल पल देखने के बाद अब मेरी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक- कोलंबियाई राष्ट्रीय टीम के साथ मेरा सफर- बंद करने का समय आ गया है।’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे कहा, ‘इस जर्सी को पहनना एक सपना था, लेकिन यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी थी। जब भी मैं मैदान पर उतरता था, मुझे पता था कि मैं सिर्फ अपने लिए नहीं खेल रहा हूं। मैं अपने परिवार, अपने साथियों और उन हजारों कोलंबियाई लोगों के लिए खेल रहा था, जो हम सभी से सपने देखते थे।’
2011 में आगाज, 131 मैचों का सफर
रोड्रिगेज ने अक्टूबर 2011 में बोलीविया के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। इसके बाद वह धीरे-धीरे कोलंबिया की टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल होते चले गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने देश के लिए कुल 131 मैच खेले, जिनमें 31 गोल किए और 43 असिस्ट दर्ज किए। इस दौरान रोड्रिगेज ने टीम की कप्तानी भी की। उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि 2024 कोपा अमेरिका रही, जहां कोलंबिया की टीम फाइनल तक पहुंची। हालांकि खिताब उसके हाथ नहीं आया, लेकिन टूर्नामेंट में रोड्रिगेज टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे।
2014 विश्व कप के बाद बदली पूरी तस्वीर
रोड्रिगेज के करियर का सबसे यादगार दौर 2014 फीफा विश्व कप रहा। ब्राजील में खेले गए इस टूर्नामेंट में उन्होंने पांच मैचों में छह गोल किए और गोल्डन बूट अपने नाम किया। उरुग्वे के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में रोड्रिगेज का शानदार वॉली गोल टूर्नामेंट के सबसे यादगार गोलों में शामिल हुआ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके इस प्रदर्शन ने दुनिया के बड़े क्लबों का ध्यान खींचा और इसके बाद उन्होंने रियल मैड्रिड का रुख किया। रोड्रिगेज ने आगे बायर्न म्यूनिख के लिए भी खेला। इसके अलावा यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका के अलग-अलग क्लबों में उनका सफर जारी रहा। क्लब स्तर पर टीमों और प्रदर्शन में बदलाव आते रहे, लेकिन कोलंबिया की टीम में उनकी भूमिका लंबे समय तक महत्वपूर्ण बनी रही।
2018 और 2026 विश्व कप में भारत के लिए खेले
रोड्रिगेज ने 2018 विश्व कप में भी कोलंबिया का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि कोलंबिया 2022 विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया। इसके बाद रोड्रिगेज ने 2026 विश्व कप में टीम की जर्सी पहनी और यही उनका आखिरी विश्व कप साबित हुआ। 2026 विश्व कप में उनका अंतरराष्ट्रीय सफर राउंड ऑफ 16 में स्विट्जरलैंड के खिलाफ खत्म हुआ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक गया, जहां कोलंबिया को हार का सामना करना पड़ा। इसी मुकाबले में रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच खेला।
‘मैंने सब कुछ दिया, फिर पछतावा कैसा’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपने फैसले के बाद रोड्रिगेज ने कहा कि वह कोलंबिया की जर्सी में अपने सफर को लेकर संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं शांति के साथ जा रहा हूं क्योंकि मैंने अपना सब कुछ दिया। हर पल के लिए धन्यवाद, कोलंबिया।’ रोड्रिगेज अब क्लब फुटबॉल पर ध्यान देंगे। वह हाल ही में एटलेटिको नैशनल से जुड़े हैं और इसके साथ ही उन्होंने अपने देश के फुटबॉल में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने 2008 में एनविगाडो के लिए कोलंबिया में क्लब फुटबॉल खेला था। 2011 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू से लेकर 2014 विश्व कप के गोल्डन बूट और 2024 कोपा अमेरिका फाइनल तक, रोड्रिगेज ने कोलंबिया फुटबॉल के एक महत्वपूर्ण दौर को अपने खेल से परिभाषित किया। अब 131 मैचों, 31 गोल और 43 असिस्ट के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय खत्म हो गया है।


