नई दिल्ली : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। भारतीय महिला टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। फाइनल में भारत से हारने वाली श्रीलंका की टीम को रजत पदक मिला, जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान ने क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल किए।
हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने महिला टी20 फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हरा दिया। गत चैंपियन भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा और ऋचा घोष की ताबड़तोड़ पारियों की मदद से 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका पर शुरुआती दबाव
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम कभी लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में नहीं दिखी और 15.4 ओवर में सिर्फ 69 रन पर ढेर हो गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में 6 रन देकर तीन विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा के अलावा श्री चरणी, श्रेयांका पाटिल और शैफाली वर्मा ने क्रमशः 13, नौ और तीन रन देकर 2-2 विकेट झटके।
श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू, कविशा दिलहारी और विकेटकीपर कौशानी नुथ्यांगना को छोड़कर टीम की कोई भी बैटर दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाई। भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने 79 रन की शानदार पारी खेली। ऋचा घोष (नाबाद 49 रन) ने डेथ ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी की। भारत ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। स्मृति (79 रन, 45 गेंद) और शैफाली वर्मा (48 रन, 29 गेंद) ने 6 ओवर में स्कोर बिना विकेट खोए 59 रन तक पहुंचाया।
भारत के नाम एशियन गेम्स का सबसे बड़ा स्कोर
एशिया कप से ही शानदार फॉर्म में चल रहीं दोनों सलामी बल्लेबाजों ने 60 गेंद में 99 रन की साझेदारी करके फाइनल में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। भारत को रोकने के लिए कुछ विशेष करने की जरूरत थी, लेकिन श्रीलंकाई टीम की गेंदबाजी साधारण नजर आई। भारत ने अंततः एशियाई खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। शैफाली और स्मृति दोनों ने स्पिनरों की जमकर धुनाई की। स्मृति ने तीसरे ओवर में बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी की लगातार दो गेंद पर छक्के जड़े। इनमें से पहला बैकफुट से मैदान के ऊपर से लगाया गया, जबकि अगली गेंद पर उन्होंने स्लॉग स्वीप खेलकर गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया।
इसके बाद तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या का ओवर और भी महंगा साबित हुआ। स्मृति मंधाना ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से शानदार छक्का जड़कर पारी का अपना तीसरा छक्का लगाया। श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू स्वयं 5वां ओवर करने आईं और 19 रन लुटा बैठीं। इसमें 3 छक्के शामिल थे। इनमें से दो छक्के शैफाली वर्मा के बल्ले से आए। उन्होंने पहले शॉर्ट गेंद को पुल करके सीमा के पार भेजा और अगली गेंद को मिडऑफ के ऊपर से छह रन के लिए भेजा। तीन गेंद बाद स्मृति ने श्रीलंकाई कप्तान तथा ऑफ स्पिनर की गेंद पर सीधा छक्का जड़ा।
स्मृति मंधाना ने जड़े 7 छक्के
स्मृति मंधाना ने कुल सात छक्के लगाए। एक और अर्धशतक के करीब पहुंच चुकी शेफाली ने बाएं हाथ की स्पिनर चामुडी प्रबोदा की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की लेकिन शॉट का सही संपर्क नहीं हुआ और वह कैच आउट हो गईं। भारत के लिए नंबर तीन का स्थान कुछ समय से परेशानी का सबब रहा है। इस मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर (17 गेंद में 19 रन) तीसरे नंबर पर उतरीं और भारत की बढ़त को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन एशिया कप के बाद से जारी उनका संघर्ष यहां भी दिखा।
हरमनप्रीत बड़ी पारी से चूकीं
हरमनप्रीत कौर 15वें ओवर में लॉन्ग ऑफ पर कैच देकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना शतक की ओर तेजी से बढ़ रही थीं, लेकिन सुगंधिका कुमारी की गेंद पर एक और स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में डीप में कैच आउट हो गईं। स्मृति की शानदार पारी यहीं समाप्त हुई। इसके बाद ऋचा घोष ने डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अहम रन जोड़े और भारतीय टीम को 200 रन के आंकड़े के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रीलंका ने पावरप्ले में गंवाए 2 विकेट
श्रीलंका ने पावर प्ले में दो विकेट खोकर 41 रन बनाए। क्रांति गौड़ के पहले ही ओवर में श्रेयंका पाटिल ने इमेशा दुलानी का आसान कैच टपकाया। कप्तान चमारी अटापट्टू ने नंदनी शर्मा पर दो चौके जड़े, लेकिन शैफाली वर्मा ने तीसरे ओवर में इमेशा (03) को ऋचा घोष के हाथों स्टम्प करा दिया। चमारी अटापट्टू ने क्रांति गौड़ पर भी दो चौके मारे, लेकिन शैफाली ने हसिनी परेरा (00) को पवेलियन भेजकर श्रीलंका को दूसरा झटका दिया। चमारी भी इसके बाद रन गति बढ़ाने के दबाव में दीप्ति शर्मा की गेंद को हवा में खेलकर भारती फुलमाली को आसान कैच दे बैठीं।
श्रेयंका पाटिल ने हर्षिता समरविक्रमा (00) को अपनी ही गेंद पर लपका, जबकि श्री चरणी ने हंसिमा करुणारत्ने (01) को भारती के हाथों कैच कराकर नौवें ओवर श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर 49 रन कर दिया। दीप्ति शर्मा ने कविशा दिलहारी (11) को अपनी ही गेंद पर लपका, जबकि श्री चरणी ने काव्या काविंदी (02) को ऋषा के हाथों कैच कराकर श्रीलंका को सातवां झटका दिया। श्रेयंका पाटिल ने कौशिनी को बोल्ड कर मौजूदा खेलों में भारत के स्वर्ण पदक का खाता खोला।


