स्क्वाश में भारत की पदक की उम्मीद बढ़ी, जोशना-सेंथिलकुमार ने पक्का किया मेडल

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नई दिल्ली : अनुभवी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को एशियन गेम्स की मिश्रित युगल स्क्वाश स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और भारत का एक और पदक पक्का कर दिया। भारतीय जोड़ी ने 30 मिनट से भी कम समय में 11-3, 11-5 से जीत दर्ज की। रिकॉर्ड 7वें एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में उतरे सेंथिलकुमार के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हॉन्गकॉन्ग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियन गेम्स में छठा पदक होगा। वहीं, अनाहत सिंह और अभय सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी-अपनी एकल स्पर्धाओं के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।

रिकॉर्ड 7वीं बार एशियन गेम्स में पहुंचीं जोशना चिनप्पा

जोशना इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियन गेम्स से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा।

जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जोशना ने कहा- देश के लिए पदक जीतना गर्व की बात

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैच के बाद जोशना ने कहा, अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है। मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं। मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वाश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया। हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।

अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, वीर चोटरानी बाहर

महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा।

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