नई दिल्ली : भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार (27 सितंबर) को एशियन गेम्स 2026 में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाई, लेकिन दोनों खिलाड़ियों को अंत में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा डेकाथलीट तेजस्विन शंकर, महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी और 200 मीटर धाविका हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीते। इस तरह भारत ने 9वें दिन एथलेटिक्स में कुल 5 पदक अपने नाम किए। मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में इन पदकों के साथ एशियन गेम्स 2026 में एथलेटिक्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 13 हो गई है, जिसमें 6 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं।
एशियन गेम्स पदक तालिका
| देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
| चीन | 119 | 48 | 38 | 205 |
| जापान | 37 | 62 | 58 | 157 |
| दक्षिण कोरिया | 21 | 23 | 39 | 83 |
| उज़्बेकिस्तान | 10 | 17 | 11 | 38 |
| कज़ाकिस्तान | 9 | 10 | 21 | 40 |
| थाईलैंड | 9 | 7 | 10 | 26 |
| बहरीन | 8 | 2 | 3 | 13 |
| ईरान | 7 | 14 | 8 | 29 |
| उत्तर कोरिया | 6 | 5 | 4 | 15 |
| मलेशिया | 6 | 2 | 8 | 16 |
| हॉन्गकॉन्ग | 5 | 12 | 15 | 32 |
| भारत | 4 | 16 | 17 | 37 |
| चीनी ताइपे | 3 | 5 | 19 | 29 |
| इंडोनेशिया | 2 | 5 | 17 | 24 |
लंबी कूद में नहीं चला शैली सिंह का जादू, पदक से चूकीं
चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। एंसी के नाम 6.88 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा।
शीर्ष पर रहे सर्वेश, आखिरी दौर में हाथ से फिसला स्वर्ण
सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे, लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली।
10 स्पर्धाओं में 7934 अंक का कमाल, शंकर ने जीता कांस्य
डेकाथलीट शंकर ने पिछले चरण में जीते रजत पदक में एक कांस्य पदक और जोड़ दिया। उन्होंने दो दिनों तक चली इस कठिन 10 खेलों की स्पर्धा में 7934 अंक जुटाए। जापान के मारुयामा ने 8123 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि चीन के चेन एक्स ने 8012 अंक जुटाकर रजत पदक जीता।
पारुल का फिर कमाल, लगातार दूसरी बार कांस्य पर कब्जा
पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
हरिता भद्रा ने 200 मीटर में जीता कांस्य पदक
इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
200 मीटर फाइनल में उन्नति अयप्पा बोलैंड को छठा स्थान
फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। अन्य स्पर्धाओं में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
श्रीशंकर दूसरे स्थान पर रहे, स्वर्ण से चूके
श्रीशंकर ने 7.84 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर क्वालीफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया जबकि सोलोमन की 7.62 मीटर की छलांग ने उन्हें सातवें स्थान पर रखा और दोनों ने पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष ने 49.61 सेकंड के समय के साथ शुरुआती हीट में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
दौड़ पूरी करने में नाकाम रहे यशस पलाक्षा
दूसरी हीट में प्रतिस्पर्धा कर रहे यशस पलाक्षा ने पहली बाधा पार करने से पहले ही दौड़ रोक दी और दौड़ पूरी नहीं कर सके। दोनों भारतीय महिलाएं अपनी-अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वतः आगे बढ़ गईं। विथ्या ने 55.73 सेकेंड का समय दर्ज किया जबकि अनु ने 55.84 सेकेंड का समय लिया।


