नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 के नौवें दिन भारत के खाते में कुल आठ पदक आए। ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में रजत पदक जीतकर दिन की सबसे रोमांचक कहानी लिखी, जबकि गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में अपना दूसरा रजत पदक हासिल किया। मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में चांदी दिलाई। पुरुष भाला फेंक में भारत ने रजत और कांस्य दोनों पदक जीते। वहीं, वित्या रामराज, पारुल चौधरी और पिंकी बलहारा ने कांस्य पदक अपने नाम किए। इसके अलावा बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन, प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के तीन और पदक पक्के कर दिए।
ईशा सिंह ने पांच शूट-ऑफ के बाद जीता रजत
- शूटिंग रेंज पर ईशा सिंह ने दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला खेला। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में ईशा को पदक के लिए पांच शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा। वह एक समय तीसरे स्थान पर खिसक गई थीं, लेकिन दबाव के बीच शानदार वापसी की।
- 40 शॉट के बाद ईशा और उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक के 34-34 अंक थे। कांस्य और रजत के बीच फैसला करने के लिए शूट-ऑफ हुआ। पहले दो शूट-ऑफ में दोनों निशानेबाजों ने तीन-तीन सटीक निशाने लगाए। तीसरे शूट-ऑफ में ईशा ने तीन सटीक निशाने लगाए, जबकि किम के दो शॉट निशाने पर लगे। इसके साथ ही ईशा ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया।
- इसके बाद स्वर्ण के लिए उनका मुकाबला चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ से हुआ। दोनों का स्कोर 38-38 रहा और यहां भी शूट-ऑफ की जरूरत पड़ी। पहले शूट-ऑफ में दोनों ने चार-चार सटीक निशाने लगाए। निर्णायक शूट-ऑफ में जियाओ ने 3-2 से बाजी मार ली और ईशा को रजत से संतोष करना पड़ा।
गुलवीर ने 1500 मीटर में जीती चांदी
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में 3:36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता। वह अंतिम लैप तक स्वर्ण की दौड़ में बने हुए थे, लेकिन आखिरी क्षणों में जापान के काजुतो इजावा ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। इजावा ने 3:36.35 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण जीता, जबकि गुलवीर 0.37 सेकेंड के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे। गुलवीर का इन एशियन गेम्स में यह दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में भी चांदी जीती थी।
चोट के बावजूद श्रीशंकर ने दिलाई चांदी
मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद में 8.07 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। चौथे प्रयास के दौरान चोटिल होने के बाद उन्होंने अपने आखिरी दो प्रयास नहीं किए, लेकिन उनका दूसरा प्रयास ही उन्हें पोडियम पर पहुंचाने के लिए पर्याप्त रहा। चीन के युहाओ शी ने 8.17 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के डेविड सोलोमन पातुराज 7.70 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ सातवें स्थान पर रहे।
भाला फेंक में भारत को दो पदक
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत ने एक साथ दो पदक जीते। यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता, जबकि रोहित यादव ने 84.35 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।
वित्या ने तोड़ा पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड
महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में वित्या रामराज ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने पीटी उषा का चार दशक से अधिक पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। पीटी उषा ने 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 55.42 सेकेंड का समय दर्ज किया था। वित्या ने अपने नए व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। मौजूदा एशियन गेम्स में वित्या का यह दूसरा पदक है। इससे पहले वह चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं।
पारुल चौधरी ने 5000 मीटर में जीता कांस्य
महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी ने 15:14.61 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने स्वर्ण और जापान की नोजोमी तनाका ने रजत पदक जीता। पारुल का इन खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले मिश्रित रिले टीम का हिस्सा रहते हुए भी पदक जीत चुकी हैं।
पिंकी बलहारा ने कुराश में दिलाया कांस्य
कुराश की महिलाओं की 78 किग्रा से कम भारवर्ग में पिंकी बलहारा ने कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण कोरिया की सुमिन मो के खिलाफ 0-5 से हार मिली। कुराश में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है, इसलिए पिंकी का पदक पहले ही पक्का हो गया था। यह एशियन गेम्स में पिंकी का दूसरा पदक है। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था।
बॉक्सिंग में तीन और पदक पक्के
भारतीय मुक्केबाजी के लिए भी दिन शानदार रहा। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। प्रिया घंघास ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में ताजिकिस्तान की मिजगोना समादोवा को 5-0 से हराया। पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में कपिल पोखरिया ने दक्षिण कोरिया के किम गिचाए को 5-0 से मात दी। इन तीनों के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत के कम से कम कांस्य पदक पक्के हो गए हैं। इससे पहले परवीन हुड्डा, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बरवाल भी पदक दौर में पहुंच चुके हैं।
क्रिकेट में बिना टॉस के सेमीफाइनल में पहुंचा भारत
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम बिना मैच खेले सेमीफाइनल में पहुंच गई। भारत और अफगानिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल बारिश के कारण बिना टॉस के रद्द हो गया। नॉकआउट मुकाबलों के लिए रिजर्व डे नहीं होने के कारण बेहतर आईसीसी टी20 रैंकिंग वाली टीम को विजेता माना गया। भारत विश्व रैंकिंग में नंबर एक और अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है। इसी आधार पर भारत को सेमीफाइनल में जगह मिली। भारत अब सेमीफाइनल में श्रीलंका और नेपाल के बीच 29 सितंबर को होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा। सेमीफाइनल मुकाबले एक अक्तूबर को खेले जाएंगे।
स्क्वाश में पुरुष और महिला दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में
स्क्वाश में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। महिला टीम ने जापान को 2-1 से हराया। हालांकि, अनाहत सिंह को दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वतनाबे के खिलाफ हार मिली। भारतीय पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। वेलावन सेंथिलकुमार, अभय सिंह और वीर चोटरानी ने अपने-अपने मुकाबले जीते।
वॉलीबॉल में भी भारत की लगातार दूसरी जीत
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने हांगकांग, चीन को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत ने यह मुकाबला 25-22, 25-19, 25-21 से अपने नाम किया। इससे पहले टीम ने वियतनाम को भी 3-0 से हराया था। भारत का अगला मुकाबला मंगलवार को कतर से होगा।
ज्योति सुरेखा वेंहम का अभियान खत्म, साबले भी पदक से चूके
भारत को कुछ निराशाएं भी मिलीं। मौजूदा चैंपियन ज्योति सुरेखा वेंहम महिला व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी के प्री-क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं। पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में मौजूदा चैंपियन अविनाश साबले भी पदक नहीं जीत सके। उन्होंने 8:21.67 सेकेंड का सीजन बेस्ट प्रदर्शन किया, लेकिन पोडियम से बाहर रहे। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन आठवें स्थान पर रहे। शूटिंग में मनु भाकर भी व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में पदक नहीं जीत सकीं।
45 हुई भारत के पदकों की संख्या
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक 45 पदक अपने नाम कर लिए हैं। भारतीय दल के खाते में 4 स्वर्ण, 20 रजत और 21 कांस्य पदक हैं। इस तरह भारत कुल पदक तालिका में 45 पदकों के साथ मजबूत स्थिति में बना हुआ है। शूटिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुराश और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पदकों की संख्या लगातार बढ़ी है।


