एशियाड में नीरू ढांडा का गोल्डन धमाका, भाई की बंदूक से शुरू हुआ था निशानेबाजी का सफर

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नई दिल्ली : एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन यानी मंगलवार (29 सितंबर) को भारत को निशानेबाजी में बड़ी सफलता मिली। महिला ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इतिहास रच दिया। एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत के खाते में आए 4 स्वर्ण पदक टीम इवेंट या डबल्स स्पर्धाओं में हासिल हुए थे। नीरू ढांडा के गोल्ड मेडल के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है।

मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की स्टार निशानेबाज नीरू की यह कामयाबी सिर्फ एक पदक की कहानी नहीं है। इसके पीछे एक ऐसा रिश्ता है, जिसने उन्हें शूटिंग रेंज तक पहुंचाया। नीरू ढांडा एशियन गेम्स के मेडलिस्ट शूटर लक्ष्य श्योरण की ममेरी बहन हैं। लक्ष्य श्योरण ने 2018 एशियन गेम्स में पुरुष ट्रैप स्पर्धा का रजत पदक जीता था। भाई का पदक नीरू के लिए प्रेरणा बना और यहीं से उनके शूटिंग करियर की शुरुआत हुई।नीरू ढांडा में भी निशानेबाजी के प्रति दिलचस्पी पैदा हुई। लक्ष्य श्योरण ने नीरू ढांडा को अपनी बंदूक गिफ्ट की। नीरू ने इसी बंदूक के साथ ट्रैप शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू की। इसके बाद नीरू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की। एशियन गेम्स 2026 में नीरू ढांडा ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद भाई लक्ष्य श्योरण और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि का श्रेय दिया।

नीरू ढांडा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने भाई लक्ष्य श्योरण और उनके माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि उनके भाई और उनका परिवार ही उन्हें शूटिंग में लेकर आए और उन्हें पोडियम तक पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा है। नीरू ने इससे पहले 2025 आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला ट्रैप शूटर बनी थीं। यह उपलब्धि उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई। वर्ल्ड कप की सफलता के बाद नीरू ने एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया और अब एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया है।

नीरू ढांडा की प्रमुख उपलब्धियां
  • गोल्ड मेडल: एशियन गेम्स 2026, जापान (महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा)
  • सिल्वर मेडल: एशियन गेम्स 2026, जापान (महिला ट्रैप टीम स्पर्धा)
  • गोल्ड मेडल: ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप, इटली, 2026 (महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा)
  • ब्रॉन्ज मेडल: ISSF वर्ल्ड कप 2026, कजाखस्तान (महिला ट्रैप मिक्स्ड टीम)
  • गोल्ड मेडल: एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप, 2025 (महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा)
शूटिंग में भारत ने जीता 14वां मेडल, खाते में आया दूसरा गोल्ड

भारत ने इसी के साथ मौजूदा एशियन गेम्स में 14वां मेडल शूटिंग से जीता है। इससे पहले शूटिंग में गोल्ड मिक्स्ड डबल्स 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कमलजीत और सुरुचि सिंह फोगाट ने जीता था। इसके अलावा शूटिंग एरिना से भारत के नाम अब तक 8 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल हुए हैं। मंगलवार 29 सितंबर को नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप टीम के साथ भी सिल्वर मेडल जीता था।

भारत को मिला एशियन गेम्स 2026 का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक

एशियन गेम्स 2026 में इससे पहले भारत के चारों गोल्ड टीम या डबल्स, मिक्स्ड डबल्स इवेंट में आए थे। भारत के लिए महिला क्रिकेट टीम, महिला व पुरुष कबड्डी टीम और मिक्स्ड डबल्स में कमलजीत-सुरुचि की जोड़ी ने शूटिंग में गोल्ड जीता था। अब नीरू ढांडा ने इस एशियाड का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल भारत के लिए जीता है। भारत के नाम अब तक एशियन गेम्स 2026 में 47 मेडल हो चुके हैं। भारत ने 5 गोल्ड और 21-21 सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल अब तक जीते हैं। मेडल टैली में भारत (खबर लिखे जाने तक) 11वें स्थान पर आ चुका है।

भारत ने अब तक किस खेल में जीते कितने मेडल
खेल स्वर्ण रजत कांस्य कुल
शूटिंग 2 8 4 14
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स 0 0 1 1
क्रिकेट 1 0 0 1
वेटलिफ्टिंग 0 1 0 1
सॉफ्ट टेनिस 0 0 1 1
बैडमिंटन 0 0 1 1
रोइंग 0 0 1 1
वुशू 0 1 0 1
एथलेटिक्स 0 9 10 19
टेबल टेनिस 0 0 1 1
स्क्वैश 0 2 1 3
कबड्डी 2 0 0 2
कुराश 0 0 1 1
कुल 5 21 21 47

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