2032 ओलंपिक के लोगो का आधिकारिक ऐलान, कॉकटू बना चेहरा

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नई दिल्ली : ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक के प्रतीक को लेकर बना सस्पेंस अब खत्म हो गया है। आयोजन समिति ने आधिकारिक रूप से कॉकटू को ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों का प्रतीक घोषित कर दिया है। खास बात यह है कि आधिकारिक लॉन्च से कुछ दिन पहले ही एक एक्सप्लेनर वीडियो गलती से ऑनलाइन हो गया था, जिसके बाद इस नए प्रतीक की तस्वीरें सामने आ गई थीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, अब आयोजन समिति ने आधिकारिक घोषणा के साथ कॉकटू को ब्रिस्बेन 2032 की पहचान के रूप में पेश कर दिया है।

कॉकटू ने कंगारू और कोआला को पीछे छोड़ते हुए बाजी मारी है। गुलाबी रंग के कॉकटू को ऑस्ट्रेलिया और मेजबान राज्य क्वींसलैंड की पहचान से जोड़ते हुए डिजाइन किया गया है। आयोजन समिति ने सोमवार पांच अक्टूबर 2026 को इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। इससे कुछ दिन पहले ही समय से पहले लीक होने की घटना के बारे में बताने के लिए समिति को आनन-फानन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी थी।

ओलंपिक प्रतीक चिह्न में ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले गुलाबी कॉकाटू की आकृति है। इसके रंगों को इस तरह से स्टाइल किया गया है कि वे ओलंपिक और पैरालंपिक की मशाल जैसे दिखें और इसका आकार मेजबान राज्य क्वींसलैंड जैसा है। ब्रिस्बेन 2032 के वाइस प्रेसिडेंट टिम मैंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ब्रेंट हिल ने वीकेंड पर हुई (मीडिया रिपोर्ट के अनुसार) प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गलती से हुई इस रिलीज से उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट हिल ने इस अनपेक्षित मौके का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘इससे मिला प्रचार जबरदस्त रहा है।’’ सोमवार शाम डाउनटाउन साउथबैंक पार्कलैंड्स में कम्युनिटी लॉन्च से पहले ब्रिस्बेन 2032 के चेयरमैन एंड्रयू लिवेरिस ने कहा, ‘‘यह प्रतीक चिह्न ओलंपिक खेलों की अनूठी पहचान को बढ़ावा देने का एक मौका हैं। ये दुनिया को और जानने, घूमने आने, निवेश करने और एक ऐसे इवेंट का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं, जो सबसे अलग है।’’

ब्रिस्बेन के स्प्रिंटर लैचलान कैनेडी प्रतीक चिह्न के लॉन्च के मौके पर मौजूद थे। लैचलान कैनेडी ने जुलाई में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 100 मीटर की दौड़ 9.85 सेकंड में पूरी करके ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड बनाया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लैचलान कैनेडी ने लोकल टीवी ब्रॉडकास्टर्स से कहा, ‘‘मुझे यह बहुत पसंद आया। मुझे लगता है कि यह ब्रिस्बेन की सही पहचान है। यह अनोखा है। मुझे लगता है कि इसमें एक जान है।’’

ओलंपिक खेल 2032 के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समित (IOC) के को-ऑर्डिनेशन कमीशन की हेड मिकाएला कोजुआंगको जावोर्स्की के लिए यह प्रतीक चिह्न उस इलाके की प्रकृति और पहचान की ‘जीवंत अभिव्यक्ति’ थे। ओलंपिक और पैरालंपिक गेम्स राज्य की राजधानी ब्रिस्बेन में मुख्य रूप से आयोजित होंगे, लेकिन गोल्ड कोस्ट और सनशाइन कोस्ट समेत राज्य के दूसरे शहर भी प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले दो बार ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों (1956 में मेलबर्न और 2000 में सिडनी) की मेजबानी की है। सिडनी के प्रतीक चिह्न डिजाइन में शहर की मशहूर जगहें जैसे सिडनी ओपेरा हाउस, मशहूर हार्बर और बीच के साथ-साथ बूमरैंग, सन एंड रॉक की झलक भी शामिल थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रिस्बेन के लॉर्ड मेयर एड्रियन श्रिनर ने कहा कि यह प्रतीक चिह्न हमारे शहर और हमारी जीवनशैली का जश्न है। श्रिनर ने कहा, ‘‘यह उस ब्रिस्बेन की झलक दिखाता है, जिसे लोग जीवंत, मुश्किलों का सामना करने वाला, आपस में जुड़ा हुआ, मिलनसार, चंचल और थोड़ा शरारती शहर के रूप में जानते हैं और पसंद करते हैं। यह हमारे शहर में बढ़ रहे उत्साह का भी प्रतीक है।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयोजकों ने बताया, ‘‘छह साल से भी कम समय बचा है और हम ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल राजधानी में दुनिया का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं।’’ आयोजकों के मुताबिक, इन प्रतीक चिह्नों में ‘फर्स्ट नेशंस’ यानी मूल निवासियों की झलक है, जिसमें कॉकाटू पक्षियों को ऐसे संदेशवाहक के तौर पर दिखाया गया है जो सांस्कृतिक महत्व रखते हैं और लोगों को जगह, कहानियों और समारोहों से जोड़ते हैं।’’ ये प्रतीक चिह्न ओलंपिक खेल के शुभंकर से अलग हैं। शुभंकर को ओलंपिक खेलों के शुरू होने के समय के करीब लॉन्च किया जाएगा।

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