पावरप्ले में अब बचाव नहीं, प्रहार; युवा बल्लेबाजों के साथ बदला भारत का अंदाज

0

नई दिल्ली : अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट में टी20 खेलने के अंदाज को नई दिशा दी है। आंकड़े भी इस बदलाव की ओर इशारा करते हैं। 2021 तक भारतीय टीम पावरप्ले में औसतन 7.5 रन प्रति ओवर बनाती थी, जबकि अब यह दर बढ़कर 9 से 10 रन प्रति ओवर तक पहुंच गई है। पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज के साथ उतरने वाले इन युवा खिलाड़ियों ने टीम की सोच में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि भारतीय टी20 क्रिकेट में अब शुरुआत से ही तेजी से रन बनाने और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की रणनीति दिखाई देती है।

2022-23 के समय तक 200 रन का स्कोर टी20 फॉर्मेट में एक सफल स्कोर माना जाता था। वहीं आज के दौर में 250 रन का लक्ष्य भी सुरक्षित नहीं है। सिर्फ भारत ही नहीं अन्य टीमों ने भी भारत से पावरप्ले में नए अंदाज में खेलने का तरीका सीखना शुरू कर दिया। इसका उदाहरण भारत-वेस्टइंडीज की मौजूदा सीरीज के दूसरे मैच में भी देखने को मिला। कैरेबियाई टीम ने 250 रन का लक्ष्य हासिल करके यह साबित कर दिया।

पावरप्ले का नया राज: पहली 6 ओवर में ही विरोधियों पर वार

आंकड़ों से यह पता चलता है कि, टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का पावरप्ले औसतन रन रेट 2021 तक तकरीबन 7.2 से 7.5 के बीच रहता था। अब 2024 से 2026 तक भारतीय टीम का पावरप्ले में औसतन रन रेट 9.0 से ऊपर (कई मैचों में 10+) पहुंच गया है। पिछले 9-10 मैचों के आंकड़ों को देखें तो लगातार भारतीय टीम पावरप्ले में 60, 70, 80 रन का स्कोर बनाती है।

पावरप्ले में खेलने का यह नया अंदाज निडर युवा बल्लेबाजों की देन है। टी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर में 170 रन का स्कोर भी मुकाबले में चुनौती पेश करने के लिए पर्याप्त माना जाता था, लेकिन अब खेल की तस्वीर बदल चुकी है। आधुनिक टी20 में बल्लेबाज पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर आक्रमण शुरू कर देते हैं और बड़े स्कोर की नींव रखने के लिए पावरप्ले का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट लगभग 190 के आसपास रहना उनके आक्रामक तेवर को दर्शाता है। बेखौफ बल्लेबाजी, तेज शुरुआत और लगातार रन बनाने की यही सोच पावरप्ले के नए राज के रूप में उभर रही है।

भारत के पिछले कुछ मैचों में पावरप्ले का स्कोर
क्रम मैच (बनाम) स्थान पावरप्ले स्कोर (विकेट) परिणाम
1. बनाम वेस्टइंडीज (तीसरा T20I) इंदौर 87/1 (6 ओवर) भारत 14 रन से जीता
2. बनाम वेस्टइंडीज (दूसरा T20I) रांची 68/2 (6 ओवर) वेस्टइंडीज़ 6 विकेट से जीता
3. बनाम वेस्टइंडीज (पहला T20I) लखनऊ 62/1 (6 ओवर) भारत 8 विकेट से जीता
4. बनाम अफगानिस्तान (तीसरा T20I) दिल्ली 86/1 (6 ओवर) भारत 127 रन से जीता
5. बनाम अफगानिस्तान (दूसरा T20I) दिल्ली 59/2 (6 ओवर) भारत 7 विकेट से जीता
6. बनाम अफगानिस्तान (पहला T20I) दिल्ली 55/1 (6 ओवर) भारत 7 विकेट से जीता
7. बनाम पाकिस्तान (एशियन गेम्स – फाइनल) निशिन (जापान) 52/1 (6 ओवर) भारत 19 रन से जीता
8. बनाम श्रीलंका (एशियन गेम्स – सेमीफाइनल) निशिन (जापान) 48/2 (6 ओवर) भारत 124 रन से जीता
9. बनाम जापान (एशियन गेम्स) सानो (जापान) 32/4 (5 ओवर) भारत 2 रन से जीता

(नोट: भारत के पिछले मैचों के स्कोरकार्ड और लाइव कमेंट्री से जुटाए गए आंकड़े)

यह युवा ब्रिगेड दिखा रही है कि उसका लक्ष्य केवल मुकाबले जीतना नहीं, बल्कि टी20 क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित करना भी है। युवा बल्लेबाजों की बदली हुई सोच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब उनकी पारियों में कुल रनों का लगभग 65% से 70% हिस्सा चौकों और छक्कों के जरिए बन रहा है। इससे साफ है कि बल्लेबाजी में सिंगल-डबल लेकर पारी आगे बढ़ाने के बजाय बाउंड्री के सहारे तेजी से रन जुटाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

आधुनिक क्रिकेट में कैसे आया बड़ा बदलाव?

IPL और इंटरनेशनल अनुभव: आईपीएल में दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों का सामना करने से युवाओं के दिल से ‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट’ का डर खत्म हो चुका है। उसका उदाहरण वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में मिचेल स्टार्क, जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, कगिसो रबाडा जैसे गेंदबाजों पर अटैक करके दिखा दिया था।

टीम मैनेजमेंट का खुला समर्थन: भारतीय कप्तान और कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को यह साफ कर दिया है कि ‘आउट होने के डर से धीमी गति से खेलने’ की तुलना में ‘आक्रामक खेलते हुए आउट होना’ स्वीकार्य है। यही अंतर भारत की मौजूदा टी20 टीम की मानसिकता में दिखता है। हर खिलाड़ी पहली गेंद से बल्ला चलाता है।

बेंच स्ट्रेंथ की गहराई: टीम इंडिया के पास टी20 में मौजूदा परिवेश में इतनी गहराई है कि शुरुआती बल्लेबाजों को पता होता है कि यदि वे रिस्क लेते हुए आउट भी हो गए, तो पीछे आने वाले बल्लेबाज पारी संभाल लेंगे। प्रिंस यादव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टी20 में दिखाया कि 10वें नंबर का खिलाड़ी भी रन बना सकता है।

T20I में एक पारी के सबसे बड़े स्कोर
टीम स्कोर ओवर रन रेट पारी विपक्षी टीम मैदान नतीजा मैच की तारीख
जिम्बाब्वे 344/4 20.0 17.20 1 गाम्बिया नैरोबी (रुआराका) जीत 23 अक्टूबर 2024
ऑस्ट्रिया 322/7 20.0 16.10 1 हंगरी स्ज़ोडलिगेट जीत 28 जून 2026
नेपाल 314/3 20.0 15.70 1 मंगोलिया हांगझोऊ जीत 27 सितंबर 2023
नेपाल 313/2 20.0 15.65 1 चीन सिंगापुर जीत 31 मई 2026
जर्मनी 308/1 20.0 15.40 1 ऑस्ट्रिया क्रेफेल्ड जीत 1 मई 2026
इंग्लैंड 304/2 20.0 15.20 1 दक्षिण अफ्रीका मैनचेस्टर जीत 12 सितंबर 2025
भारत 297/6 20.0 14.85 1 बांग्लादेश हैदराबाद जीत 12 अक्टूबर 2024
स्पेन 290/3 20.0 14.50 1 क्रोएशिया कार्टाजेना जीत 7 दिसंबर 2025
रवांडा 288/2 20.0 14.40 1 आइवरी कोस्ट गैबोरोन (ओवल 1) जीत 24 मई 2026
हॉन्गकॉन्ग 287/1 20.0 14.35 1 ओमान सिंगापुर जीत 5 जून 2026
जिम्बाब्वे 286/5 20.0 14.30 1 सेशेल्स नैरोबी (जिमखाना) जीत 19 अक्टूबर 2024
भारत 283/1 20.0 14.15 1 दक्षिण अफ्रीका जोहान्सबर्ग जीत 15 नवंबर 2024
जर्सी 280/3 20.0 14.00 1 क्रोएशिया एपिस्कोपी जीत 20 मई 2026
अफगानिस्तान 278/3 20.0 13.90 1 आयरलैंड देहरादून जीत 23 फरवरी 2019

(नोट: आंकड़े क्रिकइंफो के अनुसार हैं)

टी20 इंटरनेशनल में एक पारी के सर्वाधिक स्कोर के आंकड़ों पर नजर डालें तो आधुनिक क्रिकेट में आए बदलाव की तस्वीर साफ दिखाई देती है। शीर्ष 14 स्कोर में से 13 रिकॉर्ड 2023 से 2026 के बीच बने हैं। इस सूची में 14वें स्थान पर मौजूद 278 रनों का स्कोर अपवाद है, जिसे अफगानिस्तान ने 2019 में आयरलैंड के खिलाफ बनाया था। ये आंकड़े बताते हैं कि पिछले 3 वर्षों में टी20 क्रिकेट की बल्लेबाजी शैली में तेजी से बदलाव आया है। अब टीमें बड़े लक्ष्य खड़े करने के लिए शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपना रही हैं और इसी का असर रिकॉर्ड स्कोर की बढ़ती संख्या में दिखाई दे रहा है।

आज के टी20 क्रिकेट में 200 रन का स्कोर अब असाधारण नहीं रह गया है। जिस तेजी से बल्लेबाजी का अंदाज बदल रहा है, उसे देखते हुए वह दिन भी दूर नहीं लगता, जब टीमें 400 रन के आंकड़े तक पहुंचने की कोशिश करती नजर आएंगी। यह बदलाव बताता है कि क्रिकेट का पारंपरिक व्याकरण बदल चुका है। टी20 अब बड़े स्कोर और तेज रनगति का खेल बन गया है, जहां शुरुआती 36 गेंदें मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। जो टीमें पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करके प्रतिद्वंद्वी को दबाव में डालने में सफल होंगी, उन्हें मैच में बढ़त बनाने का मौका मिलेगा। भारत सहित दुनिया भर के निडर युवा क्रिकेटर केवल तेजी से रन नहीं बना रहे, बल्कि अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से टी20 क्रिकेट के भविष्य की नई तस्वीर भी गढ़ रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here