हांगझू की सफलता दोहराने की तैयारी, पैरा एशियन गेम्स में भारत के 166 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

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नई दिल्ली : साल 2023 में हांगझू में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में 108 पदक जीतकर इतिहास रचने वाला भारत अब जापान के आइची-नागोया में नया कीर्तिमान बनाने की तैयारी में है। पैरा एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत ने 275 सदस्यीय दल भेजने की तैयारी की है, जिसमें 10 खेलों के 166 खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय दल की नजरें पिछले प्रदर्शन को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने पर रहेंगी। पिछले संस्करण में भारत ने 27 स्वर्ण, 32 रजत और 49 कांस्य पदक जीते थे। इस बार भारतीय खिलाड़ियों की नजरें उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ने पर होंगी। एथलेटिक्स से लेकर बैडमिंटन और टेबल टेनिस तक, भारत को कई खेलों में पदकों की उम्मीद है।

पैरा एशियन गेम्स: 10 खेलों में चुनौती पेश करेंगे भारत के 166 खिलाड़ी

भारत ने पैरा एशियन गेम्स 2026 के लिए 275 सदस्यीय दल तैयार किया है। इसमें 166 खिलाड़ी, 94 टीम ऑफिशियल्स और सहयोगी स्टाफ तथा 15 दल अधिकारी शामिल हैं। खिलाड़ियों में 111 पुरुष और 55 महिलाएं हैं। भारतीय दल 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाली इस बहुदेशीय प्रतियोगिता में 10 खेलों में हिस्सा लेगा। भारत के दल में अनुभवी पैरालंपिक पदक विजेताओं के साथ विश्व चैंपियन और उभरते खिलाड़ी भी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के सामने पिछले संस्करण में किये गए प्रदर्शन को बेहतर बनाने की चुनौती होगी।

पैरा एशियन गेम्स: 108 पदकों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को पीछे छोड़ने उतरेगा भारत

भारत ने हांगझू पैरा एशियन गेम्स में कुल 108 पदक जीते थे। यह प्रतियोगिता अक्टूबर 2023 में आयोजित हुई थी। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने पैरा एशियन गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। इससे पहले 2018 में भारत ने 72 पदक जीते थे। इस बार भारतीय दल का लक्ष्य उसी उपलब्धि को पीछे छोड़ना है। इसके लिए एथलेटिक्स और बैडमिंटन जैसे खेलों में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका अहम होगी। तीरंदाजी, निशानेबाजी, तैराकी और टेबल टेनिस में भी भारत की पदक उम्मीदें होंगी।

जापान में पदकों की आस, एथलेटिक्स पर रहेगी भारत की सबसे ज्यादा नजर

भारतीय दल में पैरा एथलेटिक्स सबसे बड़ा खेल दल है। इसमें 62 खिलाड़ी शामिल हैं। इसमें 46 पुरुष और 16 महिलाएं हैं। इनके साथ 36 सहयोगी स्टाफ सदस्य भी रहेंगे। हांगझू में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया था। एथलेटिक्स से भारत को 55 पदक मिले थे। इस बार भी भारतीय दल को एथलेटिक्स से बड़ी संख्या में पदक मिलने की उम्मीद है।

उमर सैफी से अलग हुई सिमरन की जोड़ी, नए गाइड के साथ आगे बढ़ेंगी

धाविका सिमरन भी भारतीय एथलेटिक्स दल की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। विश्व चैंपियनशिप में खिताब जीत चुकी दृष्टिबाधित धाविका से फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि, इस बार वह नई गाइड रनर के साथ दौड़ेंगी। सिमरन इस बार अपने पूर्व गाइड रनर उमर सैफी के बिना प्रतियोगिता में उतरेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उमर सैफी का नाम डोपिंग मामले में आने के बाद सिमरन के साथ गाइड रनर में बदलाव हुआ है। दृष्टिबाधित धावकों के लिए गाइड रनर की भूमिका अहम होती है। गाइड रन दौड़ के दौरान धावक/धाविका को दिशा और तालमेल बनाए रखने में मदद करता है। ऐसे में नई गाइड के साथ सिमरन का तालमेल उनके प्रदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

28 खिलाड़ियों के दम पर बैडमिंटन में पदक जीतने उतरेगा भारत

भारत की पैरा बैडमिंटन टीम में 28 खिलाड़ी हैं। इनमें 17 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल हैं। टीम के साथ 11 सहयोगी स्टाफ सदस्य भी रहेंगे। इस दल में प्रमोद भगत और सुहास यतिराज जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। प्रमोद भगत टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं, जबकि सुहास यतिराज ने टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीता था। प्रमोद भगत और सुहास यतिराज दोनों खिलाड़ियों से पैरा एशियन गेम्स में भी पदक जीतने की उम्मीद होगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय बैडमिंटन दल की ताकत उसके अनुभवी खिलाड़ियों के साथ महिला और पुरुष वर्ग में मौजूद व्यापक प्रतिनिधित्व भी है। टीम की कोशिश पिछले प्रदर्शन को दोहराने और पदक तालिका में भारत का योगदान बढ़ाने की होगी।

टेबल टेनिस में भाविना पटेल से भारत को बड़ी उम्मीदें

टोक्यो पैरालंपिक की रजत पदक विजेता भाविना पटेल भारतीय पैरा टेबल टेनिस टीम की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। भारत की इस टीम में कुल 10 खिलाड़ी हैं। भाविना पटेल से एकल और युगल स्पर्धाओं में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। भाविना पटेल का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। उनके अलावा अन्य खिलाड़ियों के सामने भी मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच अपनी क्षमता साबित करने और पदक की दौड़ में बने रहने की चुनौती होगी।

खिलाड़ियों के चयन को लेकर विवाद, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

भारतीय दल की तैयारियों के बीच चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद भी सामने आया है। निशानेबाजों और साइकिलिस्टों ने चयन ट्रायल की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं। चयन विवाद के बीच पैरा शूटिंग कोच जय प्रकाश नौटियाल को आधिकारिक यात्रा दल से बाहर कर दिया गया। इस फैसले के बाद दल के चयन और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। पैरा साइक्लिंग में भी चयन को लेकर असंतोष सामने आया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मुख्य पैरा साइक्लिंग कोच आदित्य मेहता ने पात्र साइकिलिस्टों को टीम में शामिल नहीं किये जाने के विरोध में दल से हटने का फैसला किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत की ओर से इस स्पर्धा में अरशद शेख एकमात्र खिलाड़ी होंगे। इन विवादों के बीच भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन और प्रतियोगिता के दौरान उन्हें मिलने वाला सहयोग भी चर्चा का विषय रहेगा। चयन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और फैसलों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

पैरा एशियन गेम्स के लिए 100% सरकारी सहायता का दावा

भारतीय दल को खेल मंत्रालय की ओर से टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन (ACTC) के तहत 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देने की जानकारी दी गई है। इसके तहत यात्रा, ठहरने, खेल उपकरणों और सहयोगी कर्मियों से जुड़े खर्च शामिल हैं। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी तैयारियों को समर्थन देने के लिए वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है। भारतीय दल की कोशिश होगी कि खिलाड़ी अपनी स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएं।

पैरा एशियन गेम्स 2026: इस बार कितने पदक जीत पाएगा भारत?

हांगझू में 108 पदक जीतने के बाद भारत के सामने अब अपने ही रिकॉर्ड को बेहतर बनाने की चुनौती है। 166 खिलाड़ियों का दल, पैरा एथलेटिक्स के 62 खिलाड़ी, बैडमिंटन के 28 खिलाड़ी और भाविना पटेल तथा सिमरन जैसी प्रमुख खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय उम्मीदों को मजबूत बनाती है। हालांकि, पदकों की संख्या केवल बड़े दल या अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं करेगी।

अलग-अलग स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का प्रदर्शन, प्रतिद्वंद्वियों की चुनौती और प्रतियोगिता के दौरान उनका तालमेल भी अहम होगा। आइची-नागोया में भारतीय दल की कोशिश हांगझू की ऐतिहासिक उपलब्धि को पीछे छोड़ने की होगी। अगर भारतीय खिलाड़ी पिछली बार की तरह कई स्पर्धाओं में पदक जीतने में सफल रहे तो भारत पैरा एशियन गेम्स में नया रिकॉर्ड बना सकता है।

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