यशस्वी जायसवाल की छिपी प्रतिभा पर कोच का खुलासा, ऑलराउंडर बनाने का था सपना

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नई दिल्ली : भारतीय टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को तीनों प्रारूपों का खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन फिलहाल उनका अंतरराष्ट्रीय करियर टेस्ट क्रिकेट तक सिमटता नजर आ रहा है। टी20 टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उनके लिए जगह बनाना चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रहा है। वहीं, वनडे टीम में रोहित शर्मा और शुभमन गिल की मौजूदगी भी उनकी राह मुश्किल बना रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए कई लोग जायसवाल को रिजर्व सलामी बल्लेबाज के विकल्प के रूप में देखते हैं, लेकिन टीम प्रबंधन की योजनाएं कुछ अलग नजर आ रही हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी उनका चयन नहीं होना इसी ओर संकेत करता है। ऐसे में जायसवाल के लिए सीमित ओवरों की भारतीय टीम में वापसी करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

इस बीच मझधार में फंसे यशस्वी जायसवाल ने भी विकेटकीपर बनने तैयारी शुरू कर दी है। रणजी ट्रॉफी से पहले मुंबई की प्रैक्टिस सेशन के दौरान यशस्वी को विकेटकीपिंग करते देखा गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने बताया कि यशस्वी की चाह है कि वह मुंबई और भारतीय टीम के लिए विकेटकीपिंग करें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मुद्दे पर यशस्वी जायवाल के कोच ज्वाला सिंह ने कहा कि उन्हें विकेटकीपिंग सीखने में कोई दिक्कत नहीं दिखाई देती। इसके लिए उन्होंने केएल राहुल और राहुल द्रविड़ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यशस्वी अच्छे लेग-स्पिनर हैं। वह उन्हें दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर बनाना चाहते थे। हालांकि, भारतीय टीम और आईपीएल में यशस्वी की स्किल पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया।

यशस्वी की छिपी प्रतिभा, बेहतरीन लेग स्पिनर भी हैं जायसवाल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यशस्वी जायसवाल के विकेटकीपिंग करने पर ज्वाला सिंह ने कहा, “देखिए, कोई भी स्किल डेवलप करने में कोई हर्ज नहीं होता है। क्योंकि जितना ज्यादा आपके पास स्किल हो, कहीं न कहीं काम ही आता है। बल्लेबाजी के अलावा उसकी गेंदबाजी भी एक स्किल है, लेग स्पिन बहुत अच्छी करता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप वगैरह में भी उसने अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन उसके बाद जैसे-जैसे वो खेलता गया, भारतीय टीम और आईपीएल में उसको गेंदबाजी करने के उतने अवसर नहीं मिले। मुझे ऐसा लगता है कि ही वह बहुत बढ़िया लेग स्पिनर है। जितना बैटिंग करता है उतना तो नहीं, लेकिन वह लेग स्पिन से विकेट निकाल सकता है। मेरी चर्चा भी पहले बहुत होती थी और मैं उसको यही बोलता था कि तेरा गोल वर्ल्ड कप बेस्ट ऑलराउंडर बनना है।”

विकेटकीपिंग सीखने में कोई हर्ज नहीं, यशस्वी को कोच की सलाह

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने यशस्वी जायसवाल के गेंदबाजी न करने पर कहा, “जैसे-जैसे वह खेलता गया, वैसे-वैसे उसको गेंदबाजी में उतने मौके मिले नहीं। इसीलिए लोग उसकी लेग स्पिन के बार इतना जान नहीं पाए। फिलहाल मैंने भी देखा कि वह अभी विकेटकीपिंग ट्राई कर रहा है। अगर बल्लेबाज है और कहीं न कहीं एक और स्किल सीखना चाहता है तो उसमें कोई हर्ज नहीं है। मुझे नहीं लगता कि आप कोई नई चीज करना चाहते हो तो उसमें कोई हर्ज है। वह मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग लड़का है। उसने जो भी अभी तक सोचा है अपने लाइफ में, जो भी प्लान करते थे, वह एग्जीक्यूट करता था। यह फैसला उसने कुछ सोच-समझ के ही किया होगा। अभी देखने वाली बात है कि आगे उसको उस विकेटकीपिंग रोल में किसी टीम में मौका मिलता है कि नहीं मिलता है।

केएल राहुल और राहुल द्रविड़ का उदाहरण देकर समझाया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने केएल राहुल और राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा, ” ऐसा पहले भी हुआ है। राहुल द्रविड़ 2003 के वर्ल्ड कप में विकेटकीपिंग करते हुए हमको नजर आए थे, तब हमको भी नहीं पता था वो विकेटकीपर हैं। अभी केएल राहुल भी वही कर रहे हैं। ऐसे बहुत सारे खिलाड़ी हैं जो टीम की जरूरत पड़ती है तो उस रोल में आ जाते हैं। उसको मैं पॉजिटिवली ही लूंगा, नेगेटिवली नहीं लूंगा। देखते हैं अभी आगे क्या होता है, लेकिन ये अच्छा मूव है या नहीं है, मैं नहीं कह सकता, लेकिन एक अलग स्किल सीखने में कोई बुराई नहीं है।

ओपनिंग और विकेटकीपिंग में तालमेल बिठाना आसान नहीं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह से टेस्ट में यशस्वी के ओपनिंग और विकेटकीपिंग करने पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, “विकेटकीपिंग एक बहुत चैलेजिंग जॉब है। इसमें मेहनत बहुत ज्यादा लगता है, क्योंकि जब आप ओपनिंग बैट्समैन होते हो तो आप बल्लेबाजी जैसे ही टीम सामने वाली टीम आउट होती है या डिक्लेअर करती है तो पहले आपको आना रहता है। ये बहुत मेहनत का काम है। ये बहुत ही मुश्किल काम है कि आप बल्लेबाजी भी कर रहे हो फिर विकेटकीपिंग भी कर रहे हो।”

ऋषभ पंत और इशान किशन की मौजूदगी में यशस्वी की राह मुश्किल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “अभी टेस्ट टीम की बात करें तो मुझे लगता है कि जिस तरीके से ऋषभ पंत खेल रहे हैं और भी विकेटकीपर अच्छा खेल रहे हैं जैसे इशान किशन हैं, जिन्होंने अभी दलीप ट्रॉफी में भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। अभी उसको विकेटकीपर के तौर पर चयनकर्ता उस तरीके से लेंगे या नहीं लेंगे, वो बोल नहीं सकते हैं। वह खेलेगा तो बैट्समैन के तौर पर ही। मुझे नहीं लगता कि इतना जल्दी कोई उसको विकेटकीपर-बैट्समैन या बैट्समैन-विकेटकीपर बन के खेलते देखेगा। अगर वो विकेटकीपिंग कर रहा है तो एक जरूर ऑप्शन है कि कभी कोई इंजर्ड हो जाए या कभी कोई इस तरह का कॉम्बिनेशन बनाना पड़े तो वो एक ऑप्शन दे सकता है।”

कोच की सलाह—यशस्वी बल्लेबाजी पर फोकस करें

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “एक मेंटर, एक कोच या एक क्रिकेट एक्सपर्ट के तौर पर मुझे लगता है कि उसको बल्लेबाजी पर ही ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अगर वह एक स्किल डेवलप करता है तो अभी फिलहाल हम उसको एज अ स्किल ही लें, उसके लिए बहुत ज्यादा फ्यूचर न तलाशें, भविष्य न तलाशें। क्योंकि शायद हो सकता है वो कभी किसी कीपर के इंजर्ड होने पे या कुछ ऐसा टीम कॉम्बिनेशन पे ही वो आपको करता दिखे।

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