एशियाई पैरा खेल: कोकिला ने जीता रजत, बैडमिंटन-टेबल टेनिस में पदक की उम्मीद

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नई दिल्ली : जापान के नागोया में सोमवार (19 अक्टूबर) को आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में जूडो खिलाड़ी कोकिला ने भारत के लिए रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यह जूडो में भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले निशानेबाजी में भारत ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता, जबकि लंबी कूद में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसके अलावा बैडमिंटन और टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक पक्के कर लिए हैं। प्रतियोगिता के पहले दिन भारत के खाते में अब तक दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित कुल पांच पदक दर्ज हो चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एशियाई पैरा गेम्स में भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने दो पदक जीते। महिलाओं की जे2 -52किलोग्राम कैटेगरी में कोकिला ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि पुरुषों की जे1 -70 किलोग्राम कैटेगरी में कपिल परमार ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। फाइनल में कोकिला का मुकाबला किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक काइजी से हुआ। काइजी ने ऐची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में मात्र 21 सेकंड में ‘इप्पोन’ (जूडो में सबसे बड़ा स्कोर, जिससे तुरंत जीत मिल जाती है) हासिल करके गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

एशियाई पैरा खेलों में कपिल की कांस्य चमक

पिछले एशियाई पैरा गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले कपिल इस बार सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनैदी से 0-1 से हार गए, जिसके बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला किया। एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ राफली शिदकी के खिलाफ प्लेऑफ मुकाबले में कपिल ने एक ‘इप्पोन’ हासिल करते हुए 1-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला।

प्राची पांडे ने टेबल टेनिस में पक्का किया भारत का पदक

भारत की प्राची पांडे ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में पदक पक्का कर लिया। उन्होंने महिला वर्ग छह के मुकाबले में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण लेने वाली प्राची न्यूरो-डिजेनेरेटिव बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने फाथुमचाई को हराकर महिला वर्ग छह के अंतिम चार में प्रवेश किया। वर्ग छह में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता होती है और जो खड़े होकर खेलते हैं। प्राची ने ग्रुप चरण के अपने दूसरे मुकाबले में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया। इस जीत के साथ वह एक जीत और एक हार के रिकॉर्ड के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं।

नितेश-थुलासिमाथी ने बढ़ाया भारत का मान, बैडमिंटन में पदक तय

नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की भारतीय जोड़ी ने एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता के मिश्रित युगल में एसएल3-एसयू5 ग्रुप बी में सेमीफाइनल में प्रवेश करके पदक पक्का किया। भारतीय जोड़ी को अपने पहले मैच में चीन की यांग जियानयुआन और यांग किउक्सिया से वॉकओवर मिला। इसके बाद उन्होंने चीन के चेन पेंगफेई और हुआंग जिक्सुआन को सिर्फ 23 मिनट में 21-4, 21-18 से हराकर ग्रुप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया।

नितेश ने दिखाया दम, 21-13, 21-15 से दर्ज की शानदार जीत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के ग्रुप-ए मुकाबले में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं, रुथिक रघुपाथी ने पुरुष एकल एसयू5 वर्ग के ग्रुप-सी मुकाबले में थाईलैंड के सोमसिरी प्रिचा को 21-12, 21-12 से शिकस्त देकर भारत की जीत का सिलसिला जारी रखा। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है, जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता होती है और वे आधे कोर्ट पर खेलते हैं। वहीं, एसयू5 वर्ग में ऊपरी अंगों में विकलांगता वाले खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। दोनों भारतीय खिलाड़ियों की जीत से प्रतियोगिता में भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती मिली।

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