नई दिल्ली : रवि बेबी साहाना और प्राची पांडे एशियाई पैरा खेलों में स्टैंडिंग श्रेणी में पदक जीतने वाली भारत की पहली पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गईं जबकि भारत ने मंगलवार (20 अक्टूबर) को टेबल टेनिस में चार कांस्य पदक जीते। पैरालम्पिक पदक विजेता भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और साहाना महिला एकल स्पर्धा में अपने अपने वर्ग के सेमीफाइनल में पैरालम्पिक पदक विजेताओं से हार गईं।
भारत ने पिछली बार पैरा एशियाई खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते थे। तमिलनाडु की साहाना को पांच बार की पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता चीन की माओ जिंगदियान ने क्लास9 सेमीफाइनल में 11-8, 11-2, 11- 4 से हराया। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए एक ‘स्टैंडिंग’ (खड़े होकर खेलने वाली) श्रेणी है जिन्हें पैरों या खेलने वाले हाथ में हल्की शारीरिक अक्षमता है या जिनके उस हाथ में गंभीर अक्षमता है जिससे वे नहीं खेलते हैं।
‘न्यूरो डिजनरेटिव’ बीमारी से जूझ रही प्राची को गत पैरालम्पिक चैम्पियन ईराक की नाजलाह अल दायेनी ने क्लास6 सेमीफाइनल में 11-9, 11-2, 11-8 से हराया। यह उन खिलाड़ियों की श्रेणी है जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर अक्षमता होती है। पैरालम्पिक की पूर्व रजत पदक विजेता भाविना को महिलाओं के एकल 4-5 वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की आठ बार की पैरालम्पिक चैम्पियन झांग बियान के हाथों 7-11, 5 -11, 7-11 से पराजय का सामना करना पड़ा।
सोनलबेन को तीन बार की पैरालम्पिक पदक विजेता दक्षिण कोरिया की जियू यूनप ने क्लास 3 सेमीफाइनल में सीधे गेम में हराया। पिछली बार कांस्य जीतने वाली भाविना ने 2018 खेलों में रजत पदक जीता था। 40 वर्ष की बियान ने पिछले पैरा एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था।
गुजरात की 39 वर्ष की भाविना राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। 4-5 वर्ग में वे खिलाड़ी आते हैं जिनका शरीर के ऊपरी हिस्से पर पूरा नियंत्रण हैं, लेकिन पैरों या निचले हिस्से में विकार के कारण व्हीलचेयर पर हैं।जकार्ता में 2018 खेलों में युगल रजत पदक जीतने वाली सोनलबेन को गत चैम्पियन यून ने 11-7, 11-5, 11-6 से मात दी। क्लास3 व्हीलचेयर श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका बैठने का संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है, लेकिन उनके हाथ और बाजू की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य होती है।