रायपुर. 31 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के फाइनल में मैनपाट टाइटन्स का मुकाबला संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से होगा। आज खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में प्रदीप मोर की टीम ने चिंगलेनसाना सिंह की बैलाडीला बुल्स को 3-1 से मात दी। इससे पहले स्ट्राइकर्स ने न्यायधानी नाइट्स को 6-3 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, विधायक अनुज शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष प्रभतेज सिंह भाटिया, ‘हरिभूमि’ के संपादक हिमांशु द्विवेदी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की डीजीएम सुश्री पूनम शर्मा, बाल्को (BALCO) के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन हेड विजय बाजपेयी, एनटीपीसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के डीजीएम सहदेव सेठी, एनएमडीसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन सीनियर मैनेजर अजय कुमार और एसबीआई के एजीएम सतीश प्रसाद मुंडे दूसरे सेमीफाइनल को देखने स्टेडियम पहुंचे थे।
पहले सेमीफाइनल के मुकाबले बुल्स और टाइटन्स के बीच का यह मैच थोड़ा शांत रहा। हालांकि, मैच के स्तर में कोई कमी नहीं थी और दोनों टीमों ने बेहतरीन हॉकी का प्रदर्शन किया। टाइटन्स के लिए संदीप कुमार ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करके खाता खोला। पहले हाफ के अंत तक यही एकमात्र गोल था।
इस हाफ में दोनों टीमों ने मैदान के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई। दोनों टीमों ने कई बार सर्कल के अंदर प्रवेश किया और उतने ही शानदार टैकल भी देखने को मिले। दोनों टीमों का डिफेंस बहुत मजबूत था। उन्होंने सर्कल के अंदर कोई गलती नहीं की, जिससे विपक्षी टीम को ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिल सके।
मैच में गतिरोध तोड़ने की कोशिश में मैनपाट के मोहित नायक के पास गोल करने के दो अच्छे मौके आए, लेकिन बुल्स के गोलकीपर दलेश्वर यादव ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। दूसरी ओर जसकरण सिंह बुल्स के लिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सके, जिसका पूरा श्रेय कीपर अल्फ़ाज़ खान को जाता है। आखिरी क्वार्टर में भी जसकरण के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। वे अपने शॉट में पर्याप्त ताक़त नहीं लगा पाए और एक और पेनल्टी कॉर्नर चूक गए।
मैच का नतीजा दूसरे क्वार्टर में ही लगभग तय हो गया था, जब प्रिंस भगत ने खेल खत्म होने से 10 मिनट पहले गोल कर दिया। वे सर्कल के काफी अंदर तक गए और एक बेहतरीन डिफ्लेक्शन के ज़रिए गोल दाग दिया, जिससे स्कोर 2-0 हो गया। इसके बाद बैलाडीला के लिए वापसी करना नामुमकिन हो गया, जबकि मैनपाट ने अपनी बढ़त को और मज़बूत करने की कोशिश की। प्रिंस ने एक और गोल किया, जो इस मैच में उनका दूसरा गोल था। मैच के बिल्कुल आखिरी पलों में अंकित कुजूर ने एक सांत्वना गोल (consolation goal) ज़रूर किया, जिससे स्कोर 3-1 हो गया, लेकिन इससे टीम को कोई खास मदद नहीं मिली।
अंडरडॉग संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने न्यायाधानी नाइट्स के खिलाफ पलटी बाजी
आज का पहला सेमीफाइनल पूरे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन मैचों में से एक रहा, जिसमें संस्कारधानी ने न्यायधानी को 6-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। दोनों टीमों ने शानदार कौशल का प्रदर्शन किया। लेकिन अंततः अंडरडॉग मानी जा रही स्ट्राइकर्स टीम ने जीत हासिल की।
मैच की शुरुआत में पहले क्वार्टर में ही स्ट्राइकर्स ने खाता खोल लिया। शाहरुख ने एक फ्लिक के ज़रिए गोल किया, जो पोस्ट के दाहिने कोने में जाकर लगा। इसके कुछ ही देर बाद नाइट्स के आदर्श ने भी एक फील्ड गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। मैच के 15 मिनट पूरे होने से ठीक पहले न्यायधानी को अपना दूसरा गोल मिला। मिडफील्ड से मिली गेंद को चिराग ने स्ट्राइकर्स के सभी डिफेंडरों को छकाते हुए गोल में बदल दिया।
दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने पहले जैसी ही, बल्कि उससे भी तेज़ गति बनाए रखी, और गोल धड़ाधड़ होने लगे। इसके बाद, आशीष तानी पूर्ति ने पेनल्टी कॉर्नर के ज़रिए लीग में अपना 13वां गोल किया और टूर्नामेंट के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। फिर 24वें मिनट में अरबाज अली ने शानदार खेल दिखाते हुए अपना पहला गोल किया।
तीसरे क्वार्टर में शाहरुख ने नाइट्स के कुछ डिफेंडरों को चकमा देते हुए एक फील्ड गोल किया और स्कोर बराबर कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद जब शमशेर एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने से चूक गए, तो शाहरुख ने रिबाउंड पर गोल करके अपनी हैट्रिक पूरी कर ली।


आखिरी क्वार्टर में आर्यन ज़ेस ने अपनी टीम के लिए पांचवां गोल करके मुकाबले को एकतरफा कर दिया। उन्हें सर्कल के अंदर एक बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सफाई से गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। रही-सही कसर ओम कुमार यादव और निशांत तिर्की ने पूरी कर दी। दोनों ने मिलकर स्कोर को 6-3 तक पहुंचा दिया, जिससे जीत पक्की हो गई।


