नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट के इतिहास में विराट कोहली का नाम उन खिलाड़ियों में शुमार है, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता से एक अलग पहचान बनाई। 23 साल की उम्र से पहले ही दो वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने विराट ने करियर में पांच ICC ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। विराट कोहली ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किये और वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा शतकों के विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। पांच नवंबर को अपना जन्मदिन मनाने वाले विराट कोहली का क्रिकेट सफर उपलब्धियों, रिकॉर्ड और यादगार पारियों से भरा रहा है।
विराट कोहली के करियर का ऐतिहासिक मोड़, 19 साल में बने विश्व विजेता कप्तान
विराट कोहली का जन्म नई दिल्ली में पांच नवंबर 1988 को हुआ था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने से पहले ही विराट कोहली ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दे दिया था। साल 2008 में मलेशिया में खेले गए अंडर-19 विश्व कप में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की। विराट कोहली की अगुआई में भारत ने खिताब जीता। बतौर कप्तान विराट कोहली की यह पहली बड़ी उपलब्धि रही। साल 2011 में वह वनडे विश्व कप विजेता भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बने। इस तरह 23 साल की उम्र से पहले ही वह दो विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा बन चुके थे।
वनडे में शुरुआती सात साल में लगाए 23 शतक
विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से बहुत कम समय में अलग पहचान बना ली थी। वनडे करियर के शुरुआती 7 वर्षों में 23 शतक लगाए। इसमें 10 शतक लक्ष्य का पीछा करते हुए आए। रन चेज में उनकी निरंतरता और दबाव में बल्लेबाजी करने की क्षमता ने विराट कोहली को इस प्रारूप के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल कर दिया। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में भी छाप छोड़ी। उन्होंने 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया। उस सीरीज में भारतीय टीम की ओर से यह एकमात्र शतक था। मुश्किल परिस्थितियों में खेली गई इस पारी ने टेस्ट क्रिकेट में उनकी संभावनाओं को दिखाया।
पहली टेस्ट कप्तानी और दो शतक, एडिलेड में विराट कोहली ने रचा इतिहास
विराट कोहली ने बतौर कप्तान दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में अपना पहला टेस्ट मैच खेला। विराट कोहली ने उस मैच में दोनों पारियों में शतक लगाए। हालांकि, उनकी इन शानदार पारियों के बावजूद भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसी सीरीज के दौरान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का पूर्णकालिक कप्तान बनाया गया। साल 2017 में उन्हें सीमित ओवरों की टीम की कप्तानी भी सौंप दी गई।
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका में पहली बार जीती टेस्ट सीरीज
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने पहली पूर्ण टेस्ट सीरीज जीत श्रीलंका में हासिल की। भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की। यह श्रीलंका में भारत की 22 साल बाद पहली टेस्ट सीरीज जीत थी। विराट कोहली ने 2015 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने वाले दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। इसके कुछ महीने बाद वनडे में 7000 रन बनाने वाले दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बने।
टेस्ट में विराट कोहली का दबदबा, रनों और शतकों से सजाया सुनहरा सफर
विराट कोहली का शानदार फॉर्म सिर्फ सीमित ओवरों तक सीमित नहीं रहा। विराट कोहली ने जुलाई 2016 से जुलाई 2017 के बीच टेस्ट क्रिकेट में 67.04 की औसत से रन बनाए। इस दौरान लगाए गए 6 में से 4 शतकों को उन्होंने दोहरे शतक में बदला। विराट कोहली ने इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी का ऐसा स्तर दिखाया, जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया।
इंग्लैंड में बल्ले से मचाया धमाल, ऑस्ट्रेलिया में कप्तानी से रचा इतिहास
भारतीय टीम 2018 में इंग्लैंड दौरे पर गई। इस सीरीज में विराट कोहली ने 593 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजी में वह सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहे। इसके बावजूद टीम को पांच मैच की टेस्ट सीरीज में 1-4 से हार झेलनी पड़ी। इस हार के करीब 6 महीने बाद विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचा। भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती। यह भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार विदेशी दौरों में से एक रहा।
टेस्ट कप्तान के रूप में विराट कोहली का ऐतिहासिक दबदबा
विराट कोहली के करियर के लिए 2019 महत्वपूर्ण रहा। वह भारतीय टेस्ट इतिहास के सबसे सफल कप्तान बने। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पुणे टेस्ट में विराट कोहली ने टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर (254 रन) बनाया। विराट कोहली ने बतौर कप्तान भारतीय टेस्ट टीम को विदेशी परिस्थितियों में भी मजबूत बनाया। उनकी कप्तानी में टीम ने कई यादगार जीत दर्ज कीं और टेस्ट क्रिकेट में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई पहचान मिली।
टी20 क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाले पहले भारतीय बने विराट कोहली
विराट कोहली ने 2021 में टी20 क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे किये। वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। तीनों प्रारूपों में उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उनके करियर की खास पहचान रही। विराट कोहली ने 2022 में टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। इसके कुछ समय बाद सीमित ओवरों की टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी उनसे चली गई। इसके बावजूद बतौर बल्लेबाज उनका योगदान जारी रहा।
रिकॉर्ड के बादशाह बने कोहली, विश्व कप 2023 में सचिन को छोड़ा पीछे
भारत में खेले गए 2023 वनडे विश्व कप में विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर के वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विराट कोहली ने विश्व कप के दौरान अपना 50वां वनडे शतक लगाया। इस तरह तेंदुलकर के 49 शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विराट कोहली ने यह उपलब्धि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल की। खसा यह था कि उस समय स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर मौजूद थे।
2024 में टी20 विश्व कप, 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी; विराट के करियर में जुड़े दो और सुनहरे अध्याय
विराट कोहली के करियर में ICC ट्रॉफी की संख्या भी लगातार बढ़ती रही। भारतीय टीम ने 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व कप का खिताब जीता। इस तरह विराट कोहली के खाते में एक और विश्व खिताब जुड़ गया। भारतीय टीम ने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। यह विराट कोहली के करियर की दूसरी चैंपियंस ट्रॉफी थी। इससे पहले वह 2013 में भी इस खिताब को जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इस तरह उनके करियर में पांच ICC ट्रॉफी शामिल हुईं। इनमें 2008 का अंडर-19 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप, 2013 और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी तथा 2024 का टी20 विश्व कप शामिल हैं।
विराट कोहली के करियर में जुड़ा नया अध्याय, 18 साल बाद बने आईपीएल चैंपियन
विराट कोहली के करियर में जिस ट्रॉफी का इंतजार सबसे लंबा रहा, वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब था। वह 2008 में IPL की शुरुआत से ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का हिस्सा रहे। टीम के लिए खेलने और कई सीजन में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद खिताब उनसे दूर रहा। आरसीबी ने आखिरकार 2025 में अपने 18वें सीजन में IPL ट्रॉफी जीतकर इस लंबे इंतजार को खत्म किया। विराट कोहली के लिए यह उपलब्धि बेहद खास रही, क्योंकि जिस फ्रेंचाइजी के साथ उन्होंने अपने IPL करियर की शुरुआत की थी, उसी के साथ पहली बार चैंपियन बनने का सपना पूरा हुआ।
विराट कोहली ने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, वनडे पर रहेगा फोकस
विराट कोहली ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी विदाई ले ली। इस तरह 2025 तक वह टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे। विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में सफर जारी है। विराट कोहली का सफर सिर्फ आंकड़ों और ट्रॉफियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे खिलाड़ी के योगदान को भी दिखाता है, जिसने लगातार प्रदर्शन से अपनी अलग पहचान बनाई।


