इंदौर | ओलंपिक में दो पदक विजेता और तीन साल के बाद वापसी करने वाले दिग्गज पहलवान सुशील कुमार ने राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप के पुरुषों के 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में आज यहां फाइनल में जगह बनायी। महिला कुश्ती में देश की इकलौती ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और दंगल गर्ल गीता फोगाट भी प्रतियोगिता के दूसरे दिन अपनी श्रेणियों के फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे। सुशील ने अपने चिर-परिचित अंदाज में शुरुआती दो दौर पर अपने प्रतिद्वंदियों को दो मिनट से कम समय में मात दी लेकिन उन्हें क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में कोई चुनौती नहीं मिली।
दोनों मुकाबलों में उन्हें वाकओवर मिला। सुशील ने पहले दौर में मिजोरम के लालमलस्वामा को महज 48 सेकेन्ड और दूसरे दौर में मुकुल मिश्रा को महज 45 सेकेन्ड में चित कर दिया। क्वार्टर फाइनल में उन्हें प्रवीण ने वाकओवर दिया तो वही सेमीफाइनल में सचिन दहिया उनके खिलाफ मैदान में नहीं उतरे। इस बीच महिला कुश्ती में गीता ने 59 किलो वर्ग में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुये सरिता मोर को 8-4 से पटखनी दी। साक्षी ने 62 किलो वर्ग में अपनी प्रतिद्वंदी को महज 39 सेकेंड में चित किया।
साक्षी, गीता की दमदार जीत
रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली साक्षी मलिक ने 62 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। एशियाई चैंपियनशिप की रजत विजेता साक्षी ने फाइनल में पूजा तोमर को एकतरफा अंदाज में 10-0 से पीटा। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और आमिर खान की दंगल से लोकप्रियता पाने वाली गीता फोगाट ने हरियाणा की रवीरा को चित कर स्वर्ण पदक जीता।
कांस्य जीत रानी ने मप्र को दिलाया पहला पदक
57 किग्रा भार वर्ग में मेजबान मध्यप्रदेश की रानी राणा ने कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में उत्तर प्रदेश की पहलवान को चार मिनट में ही 10-0 से हरा दिया। इस वजन वर्ग का स्वर्ण हरियाणा-ए की पूजा ढांढा के नाम रहा। मध्यप्रदेश की अपूर्वा वैष्णव को रेपचेज राउंड में शिकस्त खाकर कांस्य से हाथ धोना पड़ा। पदक विजेताओं को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान पुरस्कृत किया।

