भारत ने छह विकेट से जीता पहला वनडे

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डरबन । कलाई के स्पिनरों की जादूगरी के बीच फाफ डुप्लेसिस की लाजवाब पारी आखिर में विराट कोहली के दिलकश शतक के आगे फीकी पड़ गई। इसके बूते भारत ने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में दक्षिण अफ्रीका पर यहां 27 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट से आसान जीत दर्ज की। कुलदीप यादव (34 रन देकर तीन) और युजुवेंद्र चहल (45 रन देकर दो) ने मिलकर 20 ओवरों में 79 रन देकर पांच विकेट लिए, लेकिन डुप्लेसिस ने इन दोनों का डटकर सामना किया और 112 गेंदों पर 120 रन की कप्तानी पारी खेली। उन्होंने 11 चौके तथा दो छक्के लगाए तथा निचले क्रम में क्रिस मौरिस (37) के साथ छठे विकेट के लिए 74 और एडेन फेलुकवायो (नाबाद 27) के साथ सातवें विकेट के लिए 56 रन की दो उपयोगी साझेदारियां कीं। इससे दक्षिण अफ्रीका आठ विकेट पर 269 रन बनाने में सफल रहा।
लेकिन लक्ष्य का पीछा करने में माहिर कोहली ने फिर से रंग जमाया और 119 गेंदों पर 112 रन की पारी खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। कोहली ने अंजिक्य रहाणे (86 गेंदों पर 79) के साथ तीसरे विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी की जिससे भारत ने 45.3 ओवर में चार विकेट पर 270 रन बनाकर छह मैचों की शृंखला में 1-0 से बढ़त हासिल की।
कोहली ने वनडे में अपना 33वां शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में दस चौके लगाए जबकि रहाणे की पारी में पांच चौके और दो छक्के शामिल हैं। रोहित शर्मा (20) ने अच्छी शुरुआत करने के बाद मोर्ने मोर्कल की गेंद हवा में लहराकर अपना विकेट इनाम में दिया। रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसकी धरती पर अब तक आठ पारियों में 13.25 की औसत से केवल 106 रन बनाए हैं।
कोहली का डुप्लेसिस ने शुरू में ही मुश्किल कैच छोड़ा, लेकिन भारतीय कप्तान ने शिखर धवन (35) को तब रन आउट करवाया जब बायें हाथ का यह बल्लेबाज अपने पूरे शबाब में बल्लेबाजी कर रहा था। कोहली ने अपनी जिम्मेदारी हालांकि अच्छी तरह से निभाई। उन्होंने 19वें ओवर में क्रिस मौरिस पर दो चौके लगाकर टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।
रहाणे ने शुरू में संभलकर बल्लेबाजी की जबकि कोहली ने बारिश की संभावना को देखकर डकवर्थ लुईस नियम के अनुसार बेहतर रन गति बनाए रखी। रहाणे ने आखिर में हाथ खोले। इमरान ताहिर पर मिडविकेट पर लगाया गया उनका छक्का जबर्दस्त था जिससे तीसरे विकेट की साझेदारी 100 रन के पार पहुंची। रहाणे ने मोर्कल की गेंद को हुक से चार रन के लिए भेजकर वनडे में 24वां और लगातार पांचवां अर्धशतक पूरा किया। वह सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और कोहली के बाद चौथे भारतीय हैं जिन्होंने वनडे में लगातार पांच मैचों में अर्धशतक लगाए। कोहली ने इसके बाद फेलुकवायो पर चौका लगाकर अपना सैकड़ा पूरा किया। यह दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर उनका वनडे में पहला शतक है। वह उन सभी देशों में शतक लगा चुके हैं जहां उन्होंने बल्लेबाजी की। फेलुकवायो ने आखिर में रहाणे और कोहली को आउट करके अपना गेंदबाजी विश्लेषण सुधारा लेकिन इससे परिणाम पर असर नहीं पड़ा। महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद चार) ने विजयी चौका लगाया।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए एक समय एक विकेट पर 83 रन बनाकर अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन चहल और कुलदीप की जादूगरी के सामने जल्द ही उसका शीर्ष और मध्यक्रम लड़खड़ा गया और 12 ओवर के अंदर चार विकेट गंवाने से स्कोर पांच विकेट पर 134 रन हो गया। भारत के दोनों मुख्य स्पिनरों ने बीच के ओवरों में अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई। इस बीच 15वें से 32 ओवर के बीच 18 ओवरों में केवल 63 रन बने, चार विकेट निकले और केवल दो बार गेंद ने सीमा रेखा के दर्शन किए। ये दोनों चौके भी कामचलाऊ स्पिनर केदार जाधव पर लगे।