अब जूनियर हॉर्स राइडर प्रणय खरे खेलेंगे सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में
भोपाल। जिस उम्र में बच्चे अकेले या बिना गाइड के घोड़े से बैठने से डरते हैं। उस उम्र में भोपाल के प्रणय खरे ने ये कारनामा करके दिखाया है। उसने अपनी उम्र से दोगुने पदक जीतने में सफलता हासिल की ली है। यहीं नहीं वह घुड़सवारी जैसे खतरनाक गेम में अपने से बड़े खिलाडियों को टक्कर दे रहा है। 16 साल के प्रणय ने अभी तक कई बड़ी नेशनल और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश ही नहीं देश को भी गौरवांवित कर दिया है। वे पहली बार नवंबर में बेंगलूरु में होने वाली सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेंगे। इस चैंपियनशिप में खेलने वाले प्रणय मप्र अकादमी के एकलौते खिलाड़ी हैं। बता दें कि यह सीनियर नेशनल मार्च में घोड़ों की ग्लेडर बीमारी की वजह से पोस्टपोन्ड हो गई थी, अब यह चैंपियनशिप नवम्बर में बेंगलूरु एम्बेसी राईडिंग स्कूल में होगी।
बड़े भाई से सीखी घुड़सवारी
प्रणय को घुड़सवारी का शौक उसके बड़े भाई प्रांजल से मिला। प्रांजल और प्रणय की उम्र में 10 साल का अंतर है। बड़े भाई को घुड़सवारी देख प्रणय के मन भी घुड़सवारी करने की इच्छा हुई। प्रांजल द्वारा प्रेरित करने पर प्रणय ने मप्र राज्य घुड़सवारी अकादमी में अभ्यास करने लगा। वहां कोच ने उसे घोड़े और उसकी नस्ल की जानकारी दी। इसके बाद प्रणय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कई प्रतियोगिताओं में पदक और ट्रॉफी जीतने लगा। प्रणय कोच कैप्टन भागीरथ के मार्गदर्शन में मेरठ में खेली जा रही सीनियर नेशनल इक्वेस्टियन चैम्पियनशिप में भागीदारी कर रहे हैं।
पहली प्रतियोगिता में जीता कांसा
प्रतिभा के धनी प्रणय ने अकादमी में अपने खेल को निखारते चले गए और कोलकाता में 2013 में आयोजित जेएनईसी टॉलीगंज क्लब में आयोजित प्रतियोगिता के डेऊसाज इवेंट में कांस्य पदक जीत कर अपने इरादे जाहिर कर दिए। इस खिलाड़ी ने अभी तक 55 गोल्ड, 31 सिल्वर और 24 ब्रोंज मेडल सहित 110 मेडल जीत लिए हैं।
हाल में जीता था गोल्ड
इस खिलाड़ी ने हाल ही में बेंगलूरु में खेली गई इक्विस्ट्रीयन प्रीमियर लीग में स्वर्ण पदक जीता था। प्रणय ने ओपन कैटेगरी शो जंपिंग इवेंट में पहला स्थान हासिल किया था। इस इवेंट में विभिन्न राज्यों से आए 20 घुड़सवारों ने हिस्सा लिया था।

