भोपाल। अंर्तराष्ट्रीय स्तरीय म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी में आज अंर्तराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (आईएसएसएफ) द्वारा आयोजित तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस एल थाउसेन ने शॉटगन विधा के वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ के वॉइस प्रेसिडेंट आयरलेंड के केविन किल्टी, रायफल की अंर्तराष्ट्रीय कोच नार्वे की एनी ग्रिथ और पिस्टल के अंर्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक सर्बिया के मार्को सॉकिस को पुष्प गुच्छ भेट कर उनका वेलकम किया।
चार दिवसीय इस तकनीकी प्रशिक्षण शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केविन किल्टी ने कहा कि अंर्तराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ द्वारा म.प्र. शूटिग अकादमी में डी कोर्स आयोजन का उद्देश्य प्रशिक्षकों को शूटिंग खेल का तकनीकी एवं आधुनिक प्रशिक्षण देकर उन्हें शूटिंग खेल में प्रशिक्षित करना है ताकि वे खिलाड़ियों की प्रतिभा निखार कर उन्हें उत्कृष्ट खिलाड़ी बना सकें। केविन किल्टी ने डी कोर्स के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रशिक्षकों को अपने स्वयं के खेल कौशल को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस एल थाउसेन ने म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी के माध्यम से खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही अंर्तराष्ट्रीय खेल सुविधाओं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि शूटिंग खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए 10 मीटर रायफल/पिसटल, 25 मीटर पिस्टल, 50 मीटर रायफल सहित 3 शॉटगन रेंज तैयार की गई है। भविष्य में यहां दो ट्रेप स्कीट रेंज का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। खेल संचालक डॉ. थाउसेन ने निर्माणाधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि 50 मीटर रेंज को 20 लेन से बढाकर इसे 50 लेन करने के लिए इसका विस्तार किया जा रहा है।

शुभारंभ कार्यक्रम से पूर्व अंर्तराष्ट्रीय शूटिंग प्रशिक्षकों ने शूटिंग अकादमी का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यहां कि उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं की सराहना की। इस अवसर पर संयुक्त संचालक बी एस यादव, सहायक संचालक शिप्रा श्रीवास्तव, शूटिंग मुख्य प्रशिक्षक मनशेर सिंह सहित अन्य प्रशिक्षक उपस्थित थें। उल्लेखनीय है कि अंर्तराष्ट्रीय शूटिंग महासंघ द्वारा शूटिंग अकादमी को मान्यता देने के उद्देश्य से टेक्नीकल ट्रेनिंग प्रोग्राम डी कोर्स कराया जा रहा है। इसके अंर्तगत शूटिंग खेल की तीनों विधाओं शॉटगन, पिस्टल और रायफल में प्रशिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। यह पहला अवसर है जब शूटिंग की तीनों विधाओं में एक साथ डी कोर्स कराया जा रहा है।


