नई दिल्ली। वेस्टइंडीज की क्रिकेट टीम के लिए 3 अप्रैल का दिन स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, क्योंकि आज ही के दिन यानी 3 अप्रैल को साल 2016 में वेस्टइंडीज की टीमों ने दो वर्ल्ड कप जीते थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में भी ये दिन अपने आप में खास है, क्योंकि एक ही दिन एक ही देश की दो टीमों ने विश्व कप का खिताब जीता। जी हां, साल 2016 में 3 अप्रैल को दिन में महिला टीम ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता, जबकि रात को पुरुष टीम टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनी।
मजेदार बात ये है कि कैरेबियाई महिला और पुरुष टीम ने एक ही दिन एक ही स्टेडियम में इतिहास रचा था। चार साल पहले आज ही के दिन कोलकाता के ईडन गार्डेंस पर ये दोनों खिताबी मुकाबले खेले गए थे। दिन में वेस्टइंडीज की महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर खिताबी जीत हासिल की थी, जबकि रात को इसी मैदान पर खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में वेस्टइंडीज की पुरुष टीम ने कार्लोस ब्रैथवेट की तूफानी बल्लेबाजी और लगातार 4 छक्कों के दम पर इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया था।
लगातार 4 छक्कों से बदला मैच का नतीजा
कोलकाता के ईडन गार्डेंस पर वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड द्वारा दिए गए 156 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन ये लक्ष्य काफी बड़ा लग रहा था, क्योंकि वेस्टइंडीज की टीम को 6 गेंदों में 19 रन बनाने थे जो कि किसी भी मायने में आसान काम नहीं था। इंग्लैंड की टीम के लिए गेंदबाजी करने उतरे थे ऑलराउंडर बेन स्टोक्स। स्टोक्स की पहली गेंद पर कार्लोस ब्रैथवेट ने छक्का लगाया जो आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे।
पहली गेंद पर छक्का लगाने के बाद मैच में रोमांच पैदा हो गया था, क्योंकि अब विंडीज की टीम को जीत के लिए 5 गेंदों में कुल 13 रन बनाने थे। यहां से भी काम आसान नहीं लग रहा था, लेकिन इसके बाद कार्लोस ब्रैथवेट ने दूसरी और तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर सनसनी मचा दी, क्योंकि तब तक मैच टाई हो गया था और जीत के लिए बाकी की तीन गेंदों पर सिर्फ एक रन बनाना था। चौथी गेंद पर ब्रैथवेट ने छक्का लगाया और वेस्टइंडीज के खिलाड़ी मैदान पर आ गए और जमकर जश्न मनाने लगे। इस जश्न में वेस्टइंडीज की महिला टीम की खिलाड़ी भी शामिल हो गई थीं।
ऐसा था महिला टी20 विश्व कप 2016 का फाइनल
महिला टी20 विश्व कप 2016 के फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी और 5 विकेट खोकर 20 ओवर में 148 रन बनाए थे। कंगारू टीम की ओर से कप्तान मेग लैनिंग और एलिस विलानी ने 52-52 रन की पारी खेली थी, जबकि एलिस पैरी 28 रन बनाकर आउट हुई थीं। फाइनल मैच में ये स्कोर काफी थी, लेकिन कंगारू टीम हर बार की तरह इस बार मैच का नतीजा नहीं बदल सकी थी।
149 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम को हैली मैथ्यूज और स्टेफन टेलर ने दमदार शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 120 रन जोड़े। इसी से अंदाजा लगाया जा चुका था कि अब वेस्टइंडीज की टीम विश्व विजेता बनेगा। यही हुआ। मैथ्यूज ने 66 और टेलर ने 59 रनों की पारी खेली और टीम को जीत दिला दी। वेस्टइंडीज ने 19.3 ओवर में 2 विकेट खोकर ये लक्ष्य हासिल कर लिया और पहली बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल कर लिया।

