नई दिल्ली: अंडर-19 एशिया कप 2025 में वैभव सूर्यवंशी के बाद अब टीम इंडिया का एक और युवा सितारा सुर्खियों में है। 17 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने मलेशिया के खिलाफ केवल 80 गेंदों में शतक ठोककर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह शतक उन्होंने तब लगाया जब भारत के प्रमुख तीन शुरुआती विकेट सिर्फ 87 रन पर गिर चुके थे, और टीम मुश्किल में थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी अभिज्ञान ने अंडर-19 टीम को इसी तरह कठिन परिस्थितियों से उबारने का कमाल दिखाया था।
अभिज्ञान कुंडू ने पारी को मजबूती से संभालते हुए रन रेट भी बनाए रखा। उन्होंने अपना शतक चौके की मदद से पूरा किया और 120 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। अपनी पारी में उन्होंने 11 चौके और एक छक्का लगाया और सूझ-बूझ से पारी को वेदांत त्रिवेदी के साथ आगे बढ़ाया। इस मौजूदा एशिया कप में वह वैभव सूर्यवंशी के बाद शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने। इससे पहले उन्होंने यूएई के खिलाफ नाबाद 34 और पाकिस्तान के खिलाफ 22 रन बनाए थे।
अभिज्ञान कुंडू: 17 साल के युवा क्रिकेटर कौन हैं?
अभिज्ञान कुंडू का जन्म 30 अप्रैल 2008 को कोलकाता में हुआ था। महज 17 साल की उम्र में ही उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अपनी अच्छी पहचान बना ली है। वह केवल 8 साल की उम्र से ही इस खेल से जुड़े हुए हैं और पहले मुंबई की अंडर-14 टीम के लिए भी खेल चुके हैं। बचपन से ही उनके अंदर क्रिकेट के प्रति गहरा जुनून और लगाव रहा है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
कुंडू ने अंडर-14 में मुंबई के लिए खेलने के बाद अंडर-16 नेशनल और फिर अंडर-19 मुंबई टीम में अपनी छाप छोड़ी। उन्हें मुंबई की अंडर-19 टीम का कप्तान भी बनाया गया। 15 साल की उम्र में उन्होंने 175 रनों की शानदार पारी खेली थी, जिसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। इसके बाद उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम में जगह बनाई और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की।
ऑस्ट्रेलिया में भारत के संकटमोचक बने युवा सितारे
हाल ही में भारतीय अंडर-19 टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भी अभिज्ञान कुंडू ने एक बेहतरीन पारी खेलकर टीम को संकट से उबारा था। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद उन्होंने 74 गेंदों पर 87 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 8 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 30.3 ओवर में ही 226 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया था। इससे पहले इंग्लैंड दौरे पर भी अभिज्ञान ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन अर्धशतक जड़े थे।

