अहमदाबाद. कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की कार्यकारी बोर्ड ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी के लिए अहमदाबाद की सिफारिश की है। यह फैसला ग्लासगो में 26 नवंबर को होने वाली राष्ट्रमंडल खेलों की बैठक में अंतिम रूप लेगा। भारत को नाइजीरिया के अबुजा शहर से चुनौती मिली थी, लेकिन कॉमनवेल्थ बोर्ड ने नाइजीरिया को 2034 के खेलों के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। अहमदाबाद में खेल कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है, जिसमें सभी खेल स्थलों, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्थाओं को कॉम्पैक्ट सिटी मॉडल पर रखा जाएगा।
भारत की खेल विरासत और तैयारी
भारत ने अब तक एक बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित किए थे, जिन पर लगभग 70,000 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने कहा है कि ग्लासगो 2026 से हटाए गए सभी गेम्स 2030 में शामिल किए जाएंगे, जिनमें शूटिंग, रेसलिंग, बैडमिंटन, हॉकी, आर्चरी, कबड्डी और खो-खो शामिल होंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भारत के लिए गर्व का दिन बताया और सभी नागरिकों को बधाई दी। भारत अब तक तीन मल्टी स्पोर्ट्स गेम्स की मेजबानी कर चुका है, जिनमें 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स और 1951 व 1982 के एशियन गेम्स शामिल हैं।
योजना और भविष्य की संभावनाएं
भारत ने 29 अगस्त 2025 को लंदन में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए बोली लगाई थी। गुजरात सरकार ने इसे कॉम्पैक्ट सिटी मॉडल पर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। CWG के अलावा, भारत 2036 ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी तैयारी कर रहा है। 2032 का ओलिंपिक ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया में और 2028 का लॉस एंजेलिस, अमेरिका में आयोजित होगा। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत की खेल क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेंगे।

