नई दिल्ली: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम एक बार फिर से सजधज कर तैयार है। वैसे तो चैंपियंस ट्रॉफी के ज्यादातर मुकाबले पाकिस्तान में होंगे, लेकिन टीम इंडिया अपने सारे मैच दुबई में खेलेगी। इस बीच सबसे बड़ा सवाल ये उभरकर सामने आ रहा है कि दुबई की पिच कैसी होगी। अभी हालांकि मैच में वक्त है, इसलिए पक्के तौर पर तो कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन फिर भी अंदाजा लगाया जा रहा है।
धीमी हो सकती है दुबई की पिच
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में जिस मैदान पर टीम इंडिया अपने मुकाबले खेलेगी, वहां पर अभी कुछ ही दिन पहले तक आईएलटी20 लीग खेली जा रही थी। इसका आखिरी मैच 9 फरवरी को हुआ था। यानी करीब 11 दिन बाद यहीं पर फिर से मुकाबला होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि ये पिच धीमी होगी। जैसे जैसे मैच आगे बढ़ते जाएंगे पिच भी धीमी होती चली जाएगी। दुबई के पिच क्यूरेटर ने वैसे तो ज्यादा कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया, लेकिन फिर भी उनका कहना है कि उनके पास पिच तैयार करने के लिए जो करीब 10 दिन का वक्त है, उसमें वे बेहतर पिच तैयार कर देंगे।
लंबे समय बाद खेला जाएगा कोई वनडे मुकाबला
टीम इंडिया दुबई में अपना पहला मैच 20 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी, इसके बाद 23 फरवरी को यहीं पर भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला भी होना है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट में पिच क्यूरेटर के हवाले से कहा गया है कि दुबई में वनडे के हिसाब से पिच तैयार की जा रही है। दुबई के इस मैदान पर पिछले दिनों टी20 मुकाबले तो खूब हुए हैं, लेकिन साल 2019 जून के बाद से लेकर अब तक वनडे मैच कम ही खेले गए हैं, इसलिए पिच और स्कोर के बारे में ज्यादा अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। लेकिन माना जा रहा है कि 250 से लेकर 300 तक का स्कोर ठीकठाक होगा। अगर स्कोर 300 के पार चला जाता है तो फिर जीत की खुशबू भी टीम को आनी शुरू हो जाएगी।
टीम इंडिया पड़ सकती है भारी
अगर दुबई की पिच धीमी होती है और स्पिनर्स के लिए मददगार साबित होती है तो इससे टीम इंडिया को फायदा हो सकता है। बीसीसीआई ने 15 खिलाड़ियों के स्क्वाड में कुल 5 स्पिनर्स को जगह दी है, इसमें स्पेशलिस्ट स्पिनर्स के साथ साथ ऑलराउंडर्स भी हैं, जो गेंद के साथ साथ बल्ले से भी अपना योगदान देंगे। वहीं पाकिस्तानी टीम यहां पर गच्चा खा सकती है। टीम इंडिया की टेंशन ये है कि जसप्रीत बुमराह टीम में नहीं है और उनकी भरपाई मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा करेंगे। हालांकि साफ है कि टीम इंडिया का स्पिन आक्रमण जितना शानदार है, वहीं पेस अटैक उतना नहीं है।