राजगीर: एशिया कप मेन्स हॉकी 2025 के तीसरे दिन रविवार को चीन और कजाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसमें गोलों की बरसात देखने को मिली। करो या मरो की स्थिति में उतरी दोनों टीमों में से चीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कजाकिस्तान को 13-1 के भारी अंतर से हराया। इस जीत के साथ चीन ने टूर्नामेंट में अपनी साख को और मजबूत कर लिया।
मैच का सबसे बड़ा आकर्षण चीन के स्टार खिलाड़ी यूआनलिन लू रहे, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर अपनी टीम को भारी जीत दिलाई। उनके आक्रामक खेल और बेहतरीन फिनिशिंग के दम पर उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार भी मिला। भारत के खिलाफ पहले मैच में हार झेलने के बाद दबाव में रही चीनी टीम ने इस मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
मैच की शुरुआत कजाकिस्तान ने चौंकाने वाले अंदाज में की। उनके खिलाड़ी आगिमताय दुइसेनगाजी ने पेनाल्टी कॉर्नर का बेहतरीन फायदा उठाते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और जल्द ही चीन ने मैच पर कब्ज़ा जमा लिया।
गोल खाने के बाद चीन ने तेजी से अपनी रणनीति बदलते हुए आक्रामक खेल दिखाना शुरू किया। पहले क्वार्टर में ही उन्होंने तीन गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया और मैच पर पूरी तरह अपना दबदबा बना लिया। इसके बाद से मुकाबला पूरी तरह चीन के पक्ष में चला गया।
हाफ टाइम तक चीन ने स्कोर 4-1 कर लिया, लेकिन असली जलवा तीसरे क्वार्टर में देखने को मिला। इस दौरान चीन ने लगातार छह गोल दागकर कजाकिस्तान की रक्षा पंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। चौथे और अंतिम क्वार्टर में भी चीन का दबदबा कायम रहा और उन्होंने तीन और गोल जोड़ते हुए मुकाबले को 13-1 पर समाप्त किया।
यूआनलिन लू की हैट्रिक के अलावा बेनहाई चेन और शिहायो डू ने दो-दो गोल दागे। वहीं, चैंगलियांग लिन और जियालोंग ज्यू ने भी दो-दो गोल करके टीम की जीत को ऐतिहासिक बना दिया। इसके अलावा क्यूजून चेन और जीआशेंग गाओ ने एक-एक गोल का योगदान देकर चीन की भारी जीत में अहम भूमिका निभाई।
13-1 के इस स्कोर को एशिया कप हॉकी के इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जा रहा है। इस शानदार जीत ने न केवल चीन को टूर्नामेंट में मजबूती प्रदान की बल्कि आने वाले मुकाबलों के लिए टीम के आत्मविश्वास को भी ऊँचाई पर पहुंचा दिया।

