नई दिल्ली : दुबई में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। टीम इंडिया ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के परखच्चे उड़ा दिए। मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्पष्ट कहा कि टीम पूरी तरह से पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और यह जीत पूरे देश को समर्पित है।
क्रिकेट के जरिए भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि पाकिस्तान के खिलाफ खेलना हमारी मजबूरी थी, लेकिन आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दुश्मन देश को गले लगाने जैसी भूल किसी भी स्थिति में नहीं की जाएगी। इस मुकाबले में भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने पूरी तरह से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया। उन्होंने मैदान पर खेला, अपना प्रदर्शन दिया और बिना किसी विवाद के पवेलियन लौट गए।
हाथ न मिलाने पर भारत पर कोई जुर्माना नहीं
भारतीय टीम के इस व्यवहार को पाकिस्तान सही नहीं मान रहा और इस पर उसने शिकायत दर्ज करवाई है। पाकिस्तान टीम के मैनेजर ने मैच रैफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट के खिलाफ भी शिकायत की और कहा कि उन्होंने दोनों देशों के कप्तानों से हाथ न मिलाने का अनुरोध किया था। हालांकि, सवाल यह है कि क्या इस शिकायत के बाद भारत पर कोई जुर्माना लगेगा, तो इसका जवाब साफ है—नहीं।
ICC या ACC की किसी भी नियमावली में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अगर किसी टीम का खिलाड़ी दूसरे टीम के खिलाड़ी से हाथ नहीं मिलाता है, तो उस पर कोई जुर्माना लगाया जाएगा। हाथ मिलाना कोई अनिवार्य नियम नहीं बल्कि खेल भावना का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि आमतौर पर मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिलाते हैं। यदि कोई खिलाड़ी ऐसा नहीं करता, तो इसे केवल खेल भावना के विपरीत माना जा सकता है, इससे अधिक कोई कानूनी या वित्तीय कार्रवाई नहीं होती।

