ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। BCB के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने कहा कि ICC ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को अपने मैच पाकिस्तान के बजाय दुबई में खेलने की अनुमति दी थी, लेकिन 2026 T20 विश्व कप में बांग्लादेश को भारत के बजाय श्रीलंका में खेलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। ढाका में BCB, बांग्लादेशी खिलाड़ियों और सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल के साथ हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अमीनुल इस्लाम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश का भारत में T20 विश्व कप खेलने का फैसला अब भी कायम है। उन्होंने कहा कि ICC इस मुद्दे पर 1996 और 2003 विश्व कप का उदाहरण दे रही है, जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने सुरक्षा कारणों से कुछ मैच नहीं खेले थे और उन्हें उसके परिणाम भुगतने पड़े थे।
अमीनुल इस्लाम ने कहा कि हालिया घटनाएं अलग तस्वीर पेश करती हैं। पिछले साल जब एक टीम ने सुरक्षा कारणों से दूसरे देश में खेलने से इनकार किया, तो उन्हें अपने सभी मैच एक ही तटस्थ स्थान पर खेलने की सुविधा दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि वही सुविधा बांग्लादेश को क्यों नहीं दी जा रही।
उन्होंने बताया कि BCB ने ICC से हाइब्रिड मॉडल के तहत श्रीलंका में अपने मुकाबले खेलने की अनुमति मांगी है। अमीनुल ने कहा, “ICC श्रीलंका को सह-मेजबान बता रही है, लेकिन असल में यह हाइब्रिड मॉडल है। हम भारत नहीं जाएंगे, लेकिन श्रीलंका में खेलने के लिए तैयार हैं।” BCB अध्यक्ष ने यह भी कहा कि बांग्लादेश जैसे क्रिकेट-प्रेमी देश का विश्व कप से बाहर होना ICC के लिए भी नुकसानदेह होगा। उन्होंने दावा किया कि करीब 200 मिलियन दर्शकों का विश्व कप से दूर रहना क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता को प्रभावित करेगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल सकता है।
ICC ने अपने बयान में कहा है कि टूर्नामेंट के इतने नजदीक होने पर बिना ठोस कारण के किसी बड़े बदलाव से भविष्य के टूर्नामेंट्स पर असर पड़ेगा और इससे संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। ICC ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बांग्लादेश अपने फैसले पर अडिग रहता है, तो उसकी जगह रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को 2026 T20 विश्व कप में शामिल किया जाएगा।

