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Sunday, March 15, 2026

BCCI का खजाना 20 हजार करोड़ पार: IPL और बैंक ब्याज से बढ़ी आमदनी, राज्य संघों को भी मिला बड़ा फंड

पांच साल में 14,627 करोड़ की कमाई

मुंबई. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का बैंक बैलेंस अब ₹20,686 करोड़ हो गया है। यह जानकारी बोर्ड ने अपनी वित्तीय रिपोर्ट में साझा की। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में बोर्ड ने ₹14,627 करोड़ की कमाई की है। अकेले 2023-24 वित्त वर्ष में ही BCCI ने ₹4,193 करोड़ की आमदनी की। 2019 में जहां बोर्ड का सामान्य फंड ₹3,906 करोड़ था, वहीं 2024 में यह बढ़कर ₹7,988 करोड़ तक पहुंच गया। यानी सिर्फ पांच साल में इसमें ₹4,082 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। BCCI की वार्षिक आम बैठक (AGM) 28 सितंबर को होगी, जिसमें नई वित्तीय जानकारी पेश की जाएगी।

टैक्स के लिए 3,150 करोड़ सुरक्षित

BCCI ने टैक्स देनदारियों को देखते हुए बड़ा प्रावधान किया है। बोर्ड ने 2023-24 के लिए ₹3,150 करोड़ आयकर के लिए अलग रखे हैं। हालांकि यह मामला अदालतों और ट्रिब्यूनलों में विचाराधीन है, लेकिन भविष्य में किसी भी संभावित भुगतान को ध्यान में रखते हुए यह रकम सुरक्षित रखी गई है। इससे साफ है कि बोर्ड अपनी वित्तीय योजना को लेकर सतर्क है और किसी भी स्थिति में अपने खजाने पर असर नहीं पड़ने देना चाहता।

अंतरराष्ट्रीय मैचों और मीडिया राइट्स से आय घटी

BCCI की आमदनी में सबसे बड़ी गिरावट अंतरराष्ट्रीय मैचों और मीडिया राइट्स से देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में अंतरराष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट से केवल ₹361.22 करोड़ की आय हुई, जबकि पिछले साल यह ₹642.78 करोड़ थी। इसी तरह मीडिया राइट्स से आय ₹2,524.80 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹813.14 करोड़ रह गई। इसका कारण यह था कि 2023 में भारत ने सीमित अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलीं और वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की। हालांकि वर्ल्ड कप ने दर्शकों को जोड़ा, लेकिन BCCI के राजस्व पर इसका बड़ा असर पड़ा।

IPL और ICC से बढ़ा मुनाफा

BCCI की असली कमाई IPL और ICC से हिस्सेदारी से हुई। IPL से मीडिया राइट्स, टाइटल स्पॉन्सरशिप और नई फ्रेंचाइजियों की वजह से बोर्ड का खजाना भरता रहा। 2023-24 में BCCI को ₹1,623.08 करोड़ का सरप्लस हुआ, जो पिछले साल के ₹1,167.99 करोड़ से कहीं ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर, टाटा ने दो साल के टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए ₹600 करोड़ दिए। वहीं, 2022 में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपरजायंट्स के जुड़ने से बोर्ड के खाते में ₹12,500 करोड़ आए। इसके अलावा, बैंक ब्याज से भी बोर्ड ने ₹986.45 करोड़ की कमाई की, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी रही।

राज्य संघों और विकास योजनाओं के लिए फंड

BCCI ने क्रिकेट विकास पर भी जोर दिया है। 2023-24 में राज्य क्रिकेट संघों को ₹1,990.18 करोड़ दिए गए। अगले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए यह प्रावधान बढ़ाकर ₹2,013.97 करोड़ किया गया है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे के लिए ₹1,200 करोड़, प्लेटिनम जुबली बेनेवोलेंट फंड के लिए ₹350 करोड़ और क्रिकेट विकास के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसका मतलब है कि BCCI केवल पैसा कमाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में क्रिकेट की मजबूती और नई प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए भी निवेश कर रहा है।

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