(NST News) भोपाल. भोपाल की कनिष्का शर्मा ने इतिहास रच दिया है। वे मध्य प्रदेश की पहली डेफ ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं जिनका चयन टोक्यो, जापान में होने वाले डेफलंपिक्स 2025 के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल कनिष्का के लिए बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण है। उनकी मेहनत और संघर्ष ने साबित किया है कि अगर हौसले मजबूत हों तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोक नहीं सकता।
परिवार और पढ़ाई
कनिष्का इस समय भोपाल के आशा निकेतन स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा हैं। पिता कपिल शर्मा पेशे से फोटोग्राफर हैं और माता प्रियंका शर्मा गृहिणी हैं। परिवार भोपाल के शालीमार इन्क्लेव में रहता है। परिवार का कहना है कि कनिष्का बचपन से ही बेहद मेहनती और अनुशासित रही हैं। उन्हें पढ़ाई के साथ खेलों में भी गहरी रुचि रही है।
मार्शल आर्ट अकादमी से मिली नई दिशा
कनिष्का ने 2023 से मध्य प्रदेश शासन की मार्शल आर्ट अकादमी में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। यहां उन्हें कोच जगजीत और अर्जुन का मार्गदर्शन मिला। नियमित अभ्यास, सख्त मेहनत और कोचों के प्रोत्साहन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। कोचों का कहना है कि कनिष्का का आत्मविश्वास और धैर्य ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
पूरे प्रदेश के लिए गर्व
कनिष्का का डेफलंपिक्स में चयन पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का संदेश है। यह उपलब्धि दिखाती है कि खेलों में नई प्रतिभाएं लगातार सामने आ रही हैं और विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ी भी अपनी पहचान बना रहे हैं। खेल जगत का मानना है कि टोक्यो में होने वाले डेफलंपिक्स में कनिष्का भारत का नाम रोशन करेंगी।

