कोलकाता: पद्मश्री पुरस्कार विजेता पूर्व तैराक बुला चौधरी के पश्चिम बंगाल स्थित पैतृक घर से उनके पदक चोरी हो गए, जिसकी पुष्टि उन्होंने खुद की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुला ने बताया कि चोरों ने हुगली जिले में स्थित उनके पैतृक घर से पदक के साथ-साथ कई अन्य स्मृति चिन्ह भी चोरी कर लिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में जो कुछ भी कमाया था, वह सब खो दिया। उन्होंने बताया, “चोरों ने मेरी पूरी जिंदगी की मेहनत और लगन से कमाई गई हर चीज छीन ली है। इसमें एसएएएफ खेलों में जीते गए छह स्वर्ण पदक और पद्मश्री ब्रोच समेत सभी पदक शामिल हैं।”
पूर्व तैराक ने आरोप लगाया कि चोरों ने सभी स्मृति चिन्ह भी चुरा लिए, लेकिन अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदक छोड़ दिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “शायद चोरों ने अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदकों को नहीं पहचाना, क्योंकि ये आकार में छोटे थे।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके हिंदमोटर स्थित आवास पर यह तीसरी चोरी थी, जहां ताला लगा रहता था और वह समय-समय पर वहां जाया करती थीं। वर्तमान में कोलकाता के कस्बा इलाके में अपने परिवार के साथ रह रही चौधरी के पैतृक घर की देखभाल उनके भाई मिलन चौधरी करते हैं, जो घर से थोड़ी दूरी पर रहते हैं और कभी-कभी घर का जायजा लेने आते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया, “स्वतंत्रता दिवस पर, जो छुट्टी का दिन था, मिलन अपनी बहन के कहने पर घर की सफाई करने गए थे। अंदर घुसते ही उन्हें पिछला दरवाजा टूटा हुआ और कमरों में तोड़फोड़ देखकर काफी सदमा लगा।” बुला चौधरी, जो खबर मिलते ही कोलकाता से उत्तरपाड़ा पहुंचीं, ने याद दिलाया कि पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं और आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद कोई उचित जांच नहीं की गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चौधरी ने कहा, “वे पदक क्यों ले रहे हैं? उन्हें इसके बदले कोई पैसा नहीं मिलेगा। ये मेरे जीवन की अनमोल धरोहर हैं, मेरे करियर का फल हैं। मेरे घर को हर बार इसलिए निशाना बनाया जाता है क्योंकि वह खाली रहता है।” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

