सिंगापुर: विश्व शतंरज खिताब के लिए चीन के विश्व चैंपियन डिंग लिरेन को चुनौती दे रहे 18 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश एक बार फिर अच्छी स्थिति का फायदा नहीं उठा पाए। आठवें दौर में दोनों खिलाड़ी लगभग साढ़े चार घंटे के संघर्ष और 51 चालों के बाद ड्रॉ खेलने पर सहमत हो गए। यह दोनों के बीच लगातार पांचवीं बाजी ड्रॉ हुई है। दोनों खिलाड़ी आठ दौर के बाद 4-4 अंकों की बराबरी पर हैं। गुकेश इस बाजी में काले मोहरों से खेल रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी ओपनिंग से लिरेन को हैरान कर दिया। इसके बाद ही तय हो गया कि डिंग यह बाजी नहीं जीतेंगे, लेकिन गुकेश की ओर से दो चालों में की गई गलतियों ने उनसे जीतने का मौका छीन लिया।
जीत की स्थिति में नहीं आए डिंग
गुकेश को अगले नौवें दौर में सफेद मोहरों से खेलना है। सबसे पहले 7.5 अंक अर्जित करने वाला खिलाड़ी विश्व चैंपियन बनेगा। टूर्नामेंट में अब छह दौर का मुकाबला शेष है। डिंग ने ड्रॉ खेलने के बाद स्वीकार किया कि उन्हें पूरे मुकाबले में कभी यह नहीं लगा कि वह जीतने की स्थिति में हैं। गुकेश की ओपनिंग से वह असहज जरूर हुए थे, लेकिन घबराए नहीं थे। दरअसल गुकेश ने शुरुआत में ऐसी चाल चली जो आज तक शतरंज के इतिहास में नहीं चली गई। इस तरह की चाल को शतरंज की भाषा में नावेल्टी कहा जाता है। इसी को लेकर डिंग परेशान हुए और उन्हें योजनाएं बदलनी पड़ीं।
गलती से खोया जीत का मौका
एक समय ऐसा आया जब डिंग समय के भी दबाव में थे और उन्हें 16 मिनट में 16 चालें चलनी थीं। गुकेश यहां जीत की स्थिति में थे, लेकिन उन्होंने भी गलतियां कर दीं। जिससे मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ गया। 41वीं चाल में डिंग ने चालों का दोहराव किया। दोनों खिलाडि़यों की ओर से तीन एक जैसी चालें चलने पर मुकाबला ड्रॉ समझा जाता है। गुकेश ने यहां एक जैसी चाल नहीं चली और ड्रॉ का प्रस्ताव ठुकरा दिया। हालांकि गुकेश इस दौरान अच्छी स्थिति में नहीं थे। यह विश्व चैंपियनशिप में दूसरा मौका था जब गुकेश ने ड्रॉ का प्रस्ताव ठुकराया, लेकिन डिंग ने मजबूत रक्षण के आगे गुकेश की योजनाओं को सफल नहीं होने दिया।