चांग्झू: उन्नति हुड्डा ने गुरुवार को चाइना ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट में अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। 17 वर्षीय उन्नति ने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और भारतीय बैडमिंटन की दिग्गज पीवी सिंधू को तीन गेम तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में शिकस्त दी। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्नति ने टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली और भारतीय बैडमिंटन में एक नई उम्मीद के तौर पर उभरीं। अपनी प्रतिष्ठित हमवतन खिलाड़ी का केवल दूसरी बार सामना करते हुए 17 वर्षीय हुड्डा ने कठिन क्षणों में धैर्य बनाए रखा और 73 मिनट में 21-16, 19-21, 21-13 से जीत दर्ज की।
वह पहली बार किसी सुपर 1000 प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में पहुंची है। रोहतक की इस किशोरी ने 2022 ओडिशा मास्टर्स और 2023 अबू धाबी मास्टर्स में सुपर 100 खिताब जीते थे। वह अगले दौर में जापान की तीसरी वरीयता प्राप्त और दो बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से भिड़ेगी। सिंधू सात साल में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में किसी साथी भारतीय से हारी हैं। पिछली बार उन्हें 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में साइना नेहवाल से हार का सामना करना पड़ा था। वह 2019 राष्ट्रीय चैंपियनशिप के फाइनल में भी साइना से ही हार गई थी।
इससे पहले सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और बगास मौलाना को सीधे गेम में हराकर चाइना ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष युगल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि, एचएस प्रणय 65 मिनट तक चले पुरुष एकल के दूसरे दौर के मैच में चीनी ताइपे के छठे वरीय चोऊ तिएन चेन से 21-18, 15-21, 8-21 से हारकर बाहर हो गए। विश्व की पूर्व नंबर एक भारतीय जोड़ी ने अपने धैर्य का अच्छा नमूना पेश करते हुए एक कड़े मुकाबले में आठवीं वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई जोड़ी पर 21-19, 21-19 से जीत हासिल की। सात्विक और चिराग को जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी क्योंकि दोनों ही गेम में पलड़ा इधर से उधर झुकता रहा। पहले गेम में इंडोनेशियाई जोड़ी ने पहले 8-6 और बाद में 14-12 की मामूली बढ़त बना ली थी, लेकिन भारतीय जोड़ी ने 14-16 के स्कोर के बाद लगातार पांच अंक जीतकर 19-16 से बढ़त बना ली और फिर पहला गेम अपने नाम कर दिया।

