नई दिल्ली: डेविस कप में भारत को बढ़त दिलाने में दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल की अहम भूमिका रही। रिज़र्व खिलाड़ी के रूप में चुने गए दक्षिणेश्वर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड के ऊंची रैंकिंग वाले जेरोम काइम को सीधे सेटों में पराजित कर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, नागल ने जीत के साथ वापसी करते हुए भारत की स्थिति मजबूत कर दी। कप्तान रोहित राजपाल ने आख़िरी समय पर आर्यन शाह की जगह दक्षिणेश्वर को मौका दिया था और लंबे कद के इस खिलाड़ी ने अपने दमदार खेल से टीम मैनेजमेंट को निराश नहीं किया।
भारतीय खिलाड़ी दक्षिणेश्वर सुरेश की एटीपी रैंकिंग में प्रगति, पहुंचे 626 पर
डेविस कप के पहले दिन भारत ने शानदार शुरुआत की, जिसमें दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल ने महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। दक्षिणेश्वर ने एटीपी रैंकिंग में 155वें स्थान पर मौजूद स्विट्जरलैंड के जेरोम काइम को शुरुआती एकल में 7-6 (4), 6-3 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। भले ही दक्षिणेश्वर खुद एटीपी रैंकिंग में 626वें स्थान पर हों, लेकिन उनका खेल इस रैंकिंग से कहीं ऊपर का नजर आया। दूसरी ओर, पिछले साल शीर्ष 100 में जगह बनाने वाले नागल, जो इस समय शीर्ष 300 में बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ने स्विट्जरलैंड के मार्क-एंड्रिया ह्यूस्लर को 6-3, 7-6 (4) से मात देकर जीत के साथ वापसी की। इन जीतों के दम पर भारत ने पहले दिन 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैच के बाद उत्साहित दक्षिणेश्वर ने कहा, “मैं धैर्य के साथ अपनी योजना के मुताबिक खेलने पर ध्यान दे रहा था। पहली बार देश के लिए खेलने का काफी दबाव था, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने इसे अच्छे से संभाला।”
डेविस कप: भारत को शेष तीन मुकाबलों में सिर्फ एक जीत की दरकार
शुरुआती दो एकल मुकाबले जीतकर भारतीय टीम अब यूरोपीय धरती पर एक यादगार डेविस कप जीत के बेहद करीब पहुंच गई है। टीम को शनिवार को होने वाले तीन मैचों में से सिर्फ एक जीत की जरूरत होगी, जिससे यह टाई भारत के नाम हो जाएगा। एन श्रीराम बालाजी और ऋत्विक बोलिपल्ली की जोड़ी उलट एकल मुकाबलों से पहले स्विट्जरलैंड के जैकब पॉल और डोमिनिक स्ट्राइकर के खिलाफ डबल्स मैच खेलेगी। उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछली बार 1993 में कान्स में किसी यूरोपीय टीम को हराया था, जब लिएंडर पेस और रमेश कृष्णन की अगुआई में भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल में फ्रांस को 3-2 से मात दी थी।

