नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन, शनिवार (11 अक्टूबर) को भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। यशस्वी जायसवाल ने अपने पहले दिन के शानदार 173 रन में सिर्फ 2 रन और जोड़ पाए और फिर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए। दिन के दूसरे ओवर में जायडन सील्स गेंदबाजी के लिए आए, जिसमें यशस्वी ने दूसरी गेंद को मिडऑफ की ओर ड्राइव किया और रन लेने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन यह कोशिश उनके लिए भारी साबित हुई। गेंद तेगनारायण चंद्रपाल के पास थी और कप्तान शुभमन गिल ने रन लेने से मना किया। तब तक काफी देरी हो चुकी थी। जायसवाल काफी आगे आ गए थे। चंद्रपाल ने थ्रो कीपर के छोर पर किया। टेविन इमलाच ने दौड़ते हुए गेंद को पकड़ा और गिल्लियां बिखेर दीं। वेस्टइंडीज को सौभाग्य से विकेट मिल गया।
यशस्वी का रन आउट विवाद: क्या सही था फैसला?
लेग अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ ने जायसवाल को क्रीज से काफी बाहर देख थर्ड अंपायर का सहारा नहीं लिया। हालांकि, रस्टन चेज की टीम को जायसवाल के रन आउट होने पर संदेह था। रिप्ले में देखने पर पता चला कि जायसवाल क्रीज से काफी बाहर थे, लेकिन इमलाच ने जब गिल्लियां बिखेरी तब गेंद उनके कंट्रोल में नहीं थी। हालांकि, यशस्वी आउट थे, जब गिल्लियां गिरीं तब गेंद इमलाच के गलव्स में थीं। फिर थर्ड अंपायर को निर्णय देरी में वक्त जरूर लगता।
यशस्वी ने खेली बेहतरीन पारी, 175 रन से किया कमाल
यशस्वी जायसवाल ने 258 गेंदों का सामना करते हुए 22 चौकों की मदद से शानदार 175 रन बनाए। जब वह आउट हुए, तब भारत का स्कोर 3 विकेट पर 325 रन था। इसी दौरान शुभमन गिल अर्धशतक के करीब थे, जबकि नितीश कुमार रेड्डी क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे थे। पहले दिन केएल राहुल ने 38 और साई सुदर्शन ने 87 रन बनाकर पवेलियन की राह ली थी, जिससे टीम ने मजबूत स्थिति बनाई है।

