कोकराझार. देश के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 134वें इंडियनऑयल डूरंड कप की ट्रॉफियों का अनावरण मंगलवार को असम के कोकराझार में बड़े धूमधाम के साथ हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन बोडोफा सांस्कृतिक परिसर में संपन्न हुआ, जहां हजारों की संख्या में फुटबॉल प्रेमियों ने भाग लिया।
ट्रॉफियों का यह अनावरण डूरंड कप के ट्रॉफी टूर के अंतिम चरण में हुआ, जो बोडोलैंड के पाँच जिलों में दो दिन तक चला। यह आयोजन क्षेत्रीय फुटबॉल प्रेम और बोडोलैंड की बढ़ती खेल संस्कृति का प्रमाण बना।
समारोह में असम सरकार की खेल और युवा कल्याण मंत्री नंदिता गोरलोसा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि डूरंड कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन कोकराझार जैसे शांतिपूर्ण शहर में होना गर्व की बात है। इससे यहां के युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और खेल का स्तर ऊंचा होगा।”
समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, डूरंड कप आयोजन समिति के उपाध्यक्ष मेजर जनरल राजेश अरुण मोगे, गजराज कोर के सीओएस मेजर जनरल हरतेज सिंह बजाज तथा पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी दुर्गा बोरों भी उपस्थित रहे। दुर्गा बोरों ने चर्चिल ब्रदर्स और नॉर्थईस्ट यूनाइटेड जैसे नामी क्लबों के लिए खेला है।
डूरंड कप की तीन प्रसिद्ध ट्रॉफियाँ – डूरंड कप, शिमला ट्रॉफी और प्रेसिडेंट्स कप – 13 जुलाई को कोकराझार पहुंची थीं। इन ट्रॉफियों को विभिन्न स्कूलों और मैदानों में ले जाया गया, जहां बच्चों और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। 14 जुलाई को बिजिन जिला खेल संघ मैदान और मुषालपुर हाई स्कूल जैसे स्थलों पर इन ट्रॉफियों को लेकर उत्सव जैसा माहौल रहा।
समारोह के अंत में ट्रॉफियों को साई स्टेडियम रवाना किया गया, जहां उसी दिन स्थानीय सीईएम कप का फाइनल मुकाबला खेला गया। बोडोलैंड के युवाओं में डूरंड कप को लेकर खास उत्साह है।
डूरंड कप 2025 के तहत कोकराझार के साई स्टेडियम में 27 जुलाई से मुकाबले शुरू होंगे। यहां कुल सात मैच खेले जाएंगे, जिनमें एक क्वार्टरफाइनल शामिल है। मुकाबलों में बोडोलैंड एफसी, करबी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी, इंडियन सुपर लीग की पंजाब एफसी और आईटीबीपी एफटी जैसी टीमें हिस्सा लेंगी।

