नई दिल्ली: दुनिया के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हाल ही में तकनीकी जगत की तीन प्रमुख हस्तियों—एलन मस्क, सैम ऑल्टमैन और मार्क जकरबर्ग—के शतरंज कौशल पर खुलकर अपनी राय दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह चर्चा उस समय हुई जब कार्लसन एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शतरंज टूर्नामेंट पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें इन तकनीकी दिग्गजों के AI मॉडल एक-दूसरे को मात देने में जुटे थे। इसी दौरान कार्लसन ने वह किस्सा भी साझा किया जब उनका सामना इन हस्तियों से असली शतरंज की बिसात पर हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शतरंज के सम्राट मैग्नस कार्लसन ने खुलासा किया कि उन्होंने एलन मस्क को करीब से जरूर देखा है, लेकिन कभी शतरंज पर उनसे बातचीत करने का मौका नहीं मिला। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क के मन में न तो इस खेल के लिए और न ही खिलाड़ियों के लिए खास सम्मान है, क्योंकि वे शतरंज को ‘बहुत जटिल नहीं’ मानते हैं। हालांकि, असली हैरानी AI शतरंज टूर्नामेंट में हुई, जहां मस्क की कंपनी xAI के AI मॉडल, ग्रोक 4 (Grok 4) का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
ग्रोक 4 की बचकानी भूलें बनीं निर्णायक
पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने तीखे शब्दों में उसकी कमजोरियों को उजागर किया। कार्लसन ने कहा कि ग्रोक 4 ने बहुत छोटी-छोटी गलतियां की। ऐसा लगा जैसे उसे केवल कुछ शुरुआती चालें ही पता हैं, बाकी सब ‘गलत समय और अजीब सीक्वेंस’ में थीं। उन्होंने ग्रोक 4 को केवल 800 एलो रेटिंग दी, जो एक शौकिया खिलाड़ी के स्तर से भी काफी नीचे है। इस मूल्यांकन ने शतरंज प्रेमियों के बीच हलचल मचा दी, मानो उन्होंने एक तकनीकी दिग्गज को बिसात पर पूरी तरह से धराशायी कर दिया हो।
ऑल्टमैन पर कार्लसन की राय, मस्क से बिल्कुल अलग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन को लेकर मैग्नस कार्लसन का नजरिया एलन मस्क से बिल्कुल अलग था। उन्होंने मुस्कुराते हुए याद किया कि उन्होंने सैम के साथ केवल एक बार, सिलिकॉन वैली में आयोजित एक अल्टरनेट मूव्स शतरंज टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। यह 2022 में चैंपियंस शतरंज टूर के फाइनल के दौरान हुआ था, जहां सैम की टीम में ग्रैंडमास्टर अनीश गिरि भी थे। कार्लसन के मुताबिक, सैम का खेल स्तर बहुत ऊंचा नहीं था, जिस कारण अनीश गिरि थोड़े असंतुष्ट थे, लेकिन सैम ने इस अनुभव से काफी कुछ सीखा और उनकी बुद्धिमत्ता स्पष्ट झलकती थी।
मैग्नस कार्लसन ने फेसबुक के मार्क जकरबर्ग के साथ खेले एक टूर्नामेंट का अनुभव भी साझा किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि जकरबर्ग को शतरंज का ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन वे सैम ऑल्टमैन की तरह तेज सीखने वाले थे। कार्लसन के अनुसार, जकरबर्ग शायद सैम से भी बेहतर थे, क्योंकि वे बहुत तेजी से नई चीजें सीखते और तुरंत अपनी राय बना लेते थे। यह गुण उन्हें काफी प्रभावशाली लगा। हालांकि उनकी राय हमेशा सही नहीं होती थी, लेकिन वे हमेशा तर्कसंगत और सोच-समझकर बातें करते थे।
इसके बाद मैग्नस कार्लसन ने एलन मस्क के बारे में अपनी राय दी और एक्स के मालिक की शतरंज के प्रति अरुचि पर रोशनी डाली। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्होंने एलन मस्क को करीब से तो देखा है, लेकिन उनसे कभी बातचीत नहीं की। कार्लसन के अनुसार, मस्क के मन में शतरंज या इसके खिलाड़ियों के प्रति ज्यादा सम्मान नहीं है। मस्क मानते हैं कि कुछ अन्य खेलों की तुलना में शतरंज कई मायनों में आसान है। हालांकि, कार्लसन का मानना है कि यही इसकी खूबसूरती भी है, क्योंकि कंप्यूटर ने इसे बहुत जल्दी सीख लिया और इसमें महारत हासिल कर ली।
शतरंज – आसान चालें, कठिन जीत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैग्नस कार्लसन ने कहा, ‘शतरंज खेलना एक अजीब संतुलन है — यह उतना आसान है कि थोड़े अभ्यास के बाद आप इसे खेलकर आनंद ले सकते हैं, लेकिन उतना कठिन भी है कि कोई इंसान कभी इसमें पूरी तरह माहिर नहीं हो सकता। शायद शुरुआत में मजा न आए, पर लगातार अभ्यास के साथ खेल का असली आनंद मिलता है। और जैसे हमने देखा है, इंसान चाहे जितना भी अच्छा खेले, कंप्यूटर इंजनों के स्तर तक पहुंच पाना लगभग असंभव है।’

