एनएसटी न्यूज, भोपाल। पूर्व क्रिकेटर और लोकप्रिय कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने विश्वरंग टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में हिंदी और क्रिकेट दोनों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हिंदी कमेंट्री ने उन्हें देश के हर घर तक पहुंचाया और यही भाषा उन्हें दर्शकों से भावनात्मक रूप से जोड़ती है। उनके साथ मंच पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी मौजूद रहे।
चर्चा की शुरुआत में आकाश चोपड़ा ने कहा कि हिंदी में बात है, क्योंकि हिंदी में जज़्बात हैं। उनका मानना है कि कमेंटेटर की आवाज तभी असर करती है जब वह उस पल के इमोशन को सही ढंग से दर्शकों तक पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि दर्शक अपनी भाषा में कही गई बातों को ज्यादा गहराई से महसूस करते हैं, इसलिए हिंदी कमेंट्री क्रिकेट को और करीब लाती है।
आकाश चोपड़ा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि महिला टीम का हालिया प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है और यह टीम पेशेवर अंदाज, अनुशासन और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला टीम के खेल में वह जुनून दिखता है जो हर युवा खिलाड़ी को प्रेरित करता है। यह टीम अब सिर्फ समर्थन की नहीं, सम्मान की हकदार है।
पुरुष क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि टीम में क्षमता बहुत है, लेकिन कुछ मौकों पर निरंतरता की कमी दिखती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली टीमों में से एक है। बस कुछ अहम मैचों में दबाव को संभालने की जरूरत रहती है। जब यह टीम अपने पूरे सामर्थ्य से खेलती है तो इसे हराना मुश्किल हो जाता है।
सत्र में उनकी किताब पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि क्रिकेट पर लिखना इसलिए जरूरी है क्योंकि खेल की कहानी सिर्फ मैदान में नहीं बनती, बल्कि उसके पीछे गहरी तैयारी, इतिहास और भावनाएं जुड़ी होती हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि खेल, भाषा और लेखन तीनों को अपनाने से सोच और दृष्टि और गहरी होती है। सत्र के अंत में आकाश चोपड़ा की सरल, ईमानदार और भावनात्मक बातों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया और पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

