नई दिल्ली: भारतीय महिला हॉकी टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन से खुश होकर हॉकी इंडिया ने टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। भारतीय टीम ने नीदरलैंड्स के एम्स्टलवीन में खेले गए एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप के 5वें-6वें स्थान के मुकाबले में दुनिया की नंबर-5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में भारतीय महिला टीम का 52 साल बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने इससे पहले विश्व कप के उद्घाटन संस्करण में वर्ष 1974 में चौथा स्थान हासिल किया था।
जर्मनी को हराकर हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि
सलीमा टेटे की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। टीम को पूरे अभियान में सिर्फ एक हार का सामना करना पड़ा। भारत ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों को ड्रॉ पर रोककर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम ने 6-1 की शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद जर्मनी के खिलाफ 5वें-6वें स्थान के मुकाबले में 3-1 से जीत दर्ज कर टीम ने टूर्नामेंट का शानदार अंत किया। यह मुकाबला मुख्य कोच स्जोर्ड मारिज्ने के कार्यकाल में भारतीय टीम का आखिरी मैच भी रहा।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करना भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक परिणाम है। 52 साल बाद विश्व कप में इस स्तर का प्रदर्शन टीम की कड़ी मेहनत, दृढ़ता और संघर्ष की भावना को दर्शाता है। दिलीप टिर्की ने कहा कि हॉकी इंडिया की ओर से टीम को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुरस्कार खिलाड़ियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने तथा नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।
भारतीय महिला हॉकी टीम की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विश्व कप के इतिहास में भारत ने 1974 में चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद अब टीम ने 52 साल बाद शीर्ष पांच में जगह बनाई है। जर्मनी जैसी विश्व की शीर्ष टीम को हराकर हासिल किया गया पांचवां स्थान भारतीय महिला हॉकी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।


