पटना: एशिया कप हॉकी 2025 की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार इस प्रतिष्ठित आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। वहीं टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमें भी नवनिर्मित स्टेडियम में लगातार अभ्यास कर रही हैं और जमकर पसीना बहा रही हैं। इस बार के एशिया कप में किन-किन टीमों की भागीदारी होगी और उनका पूरा परिचय क्या है, आइए जानते हैं।
भारत (FIH रैंकिंग: 7वां)
मेज़बान होने के नाते भारत को एशिया कप हॉकी 2025 का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। हाल ही में ओलंपिक और विश्व कप में मिले शानदार प्रदर्शन ने टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी आक्रामक खेल शैली, पेनल्टी कॉर्नर में विशेषज्ञता और घरेलू दर्शकों का अपार समर्थन है, जो उसे किसी भी मैच में बढ़त दिला सकता है।
एशिया कप प्रदर्शन: चैंपियन: 3 बार (2003, 2007, 2017), उपविजेता: 5 बार
मलेशिया (FIH रैंकिंग: 12वां)
मलेशिया एशियाई हॉकी में एक लगातार और मजबूत दावेदार रहा है। उनकी तकनीकी खेल शैली और अनुभवी खिलाड़ियों का संयोजन उन्हें किसी भी टीम के लिए एक चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी बनाता है।
एशिया कप प्रदर्शन: उपविजेता: 2 बार (1982, 1985), 4 बार तीसरा स्थान हासिल किया है।
दक्षिण कोरिया (FIH रैंकिंग: 13वां)
दक्षिण कोरिया एशिया कप का मौजूदा चैंपियन है और इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बार खिताब जीत चुका है। उनकी गति और उत्कृष्ट फिटनेस उन्हें दोबारा खिताब जीतने का एक प्रबल दावेदार बनाती है।
एशिया कप प्रदर्शन: चैंपियन: 5 बार (1994, 1999, 2009, 2013, 2022), उपविजेता: 4 बार
जापान (FIH रैंकिंग: 18वां)
जापान अपनी तेज़ गति और रणनीतिक खेल के लिए जाना जाता है। एशियाई खेलों में अच्छे प्रदर्शन के बाद, उनकी नजर एशिया कप पर होगी ताकि वे खुद को और मजबूत कर सकें।
एशिया कप प्रदर्शन: उपविजेता: 1 बार (1985), कई बार सेमीफाइनल तक पहुंचा है।
चीन (FIH रैंकिंग: 23वां)
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने अपनी हॉकी में काफी सुधार किया है। युवा खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित करने और फिटनेस को बेहतर बनाने के कारण उनके प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है।
एशिया कप प्रदर्शन: सर्वश्रेष्ठ स्थान: चौथा (2007)
चीनी ताइपे (FIH रैंकिंग: 25वां)
चीनी ताइपे ने हाल ही में अपने खेल को काफी बेहतर किया है। उनका लक्ष्य इस टूर्नामेंट में बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करके अपनी साख स्थापित करना होगा।
एशिया कप प्रदर्शन: अब तक कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं।
बांग्लादेश (FIH रैंकिंग: 29वाँ)
बांग्लादेश ने क्षेत्रीय टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि वे शीर्ष स्तर की टीमों में नहीं गिने जाते, लेकिन उनका उत्साह और संघर्ष की भावना उन्हें एक खास टीम बनाती है।
एशिया कप प्रदर्शन: नियमित प्रतिभागी रहा है, लेकिन कभी भी शीर्ष चार में जगह नहीं बना पाया है।
कजाकिस्तान (FIH रैंकिंग: 81वां)
कजाकिस्तान इस टूर्नामेंट की सबसे कम रैंकिंग वाली टीम है। उनके पास अनुभव की कमी है, लेकिन वे हर मैच से सीखने और मजबूत टीमों को चौंकाने की कोशिश करेंगे।
एशिया कप प्रदर्शन: अब तक कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं।
कुल मिलाकर, एशिया कप हॉकी 2025 में सभी टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। मेज़बान भारत घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा, वहीं दक्षिण कोरिया और मलेशिया जैसी टीमें उसे कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार हैं। जापान और चीन जैसी टीमें किसी भी समय बड़ा उलटफेर कर सकती हैं, जबकि बांग्लादेश, कजाकिस्तान और चीनी ताइपे जैसी उभरती टीमें इस बड़े मंच पर अनुभव जुटाने के इरादे से उतरेंगी।

