नई दिल्ली: भारतीय शटलर एचएस प्रणय बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर करने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन निर्णायक क्षणों में चूकने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए। दूसरे दौर में उन्हें विश्व नंबर 2 डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसेन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद हार झेलनी पड़ी। साल 2023 के कांस्य पदक विजेता प्रणय ने बुधवार, 27 अगस्त 2025 की देर रात लगभग एक घंटे 30 मिनट तक चले मुकाबले में दो मैच पॉइंट भी हासिल किए, लेकिन अंततः वह 8-21, 21-17, 21-23 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
हार के बाद एचएस प्रणय ने अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा, “आखिरी में मैंने कुछ खराब शॉट खेले। मुझे थोड़ी और ऊर्जा बनाए रखनी चाहिए थी और आक्रामक रुख अपनाना चाहिए था। आखिरी 3-4 पॉइंट्स में लगा कि वह ज्यादा आक्रामक था और मैंने उसे कुछ आसान स्मैश दे दिए, जिससे शायद मैच का रुख बदल गया। मुझे नेट पर और मौके लेने चाहिए थे तथा धैर्य के साथ खेलना चाहिए था।”
प्रणय का संघर्ष व्यर्थ, अहम गलतियों से हाथ से निकली जीत
विश्व रैंकिंग में 34वें स्थान पर काबिज एचएस प्रणय ने शुरुआती गेम में खराब प्रदर्शन के बाद शानदार वापसी की और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। दूसरा गेम जीतने के बाद उन्होंने अपनी लय बनाए रखी और लगातार एंटोनसेन को दबाव में रखा। हालांकि, निर्णायक क्षणों में हुई अहम गलतियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हार के बाद प्रणय ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “मैच पॉइंट गंवाना हमेशा दुख देता है, खासकर बड़े आयोजनों में। एक मैच पूरे टूर्नामेंट का रुख बदल सकता है। किसी अच्छे फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को हराना आपको बहुत आत्मविश्वास देता है, लेकिन जब आप जीत के करीब आकर हार जाते हैं तो यह आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है और फिर से खुद पर शक होने लगता है। मैं सचमुच ऐसी स्थिति में नहीं पड़ना चाहता था।”
कई दिक्कतों से परेशान रहे एचएस प्रणय
थॉमस कप 2022 के विजेता और विश्व तथा एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय हाल के वर्षों में लगातार स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते रहे हैं। पेरिस ओलंपिक से ठीक पहले उन्हें पेट की पुरानी बीमारी, पीठ की चोट और चिकनगुनिया जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 33 वर्षीय प्रणय ने खेलों के बाद ब्रेक भी लिया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपनी फिटनेस चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं इस मोर्चे पर लगातार सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं। खेल के लिहाज से मैं अच्छा हूं और अभी कुछ साल और खेल सकता हूं, लेकिन फिटनेस के लिहाज से मैं इन युवाओं की बराबरी नहीं कर पा रहा हूं।”
संन्यास की ओर बढ़ रहे एचएस प्रणय
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एचएस प्रणय ने अपनी फिटनेस चुनौतियों पर खुलकर बात करते हुए कहा, “गति बहुत तेज है और कभी-कभी शरीर उस तरह प्रतिक्रिया नहीं देता जैसा मैं चाहता हूं। यह थोड़ा धीमा है। यह खेल का एक अभिन्न हिस्सा है क्योंकि बैडमिंटन तेज और विस्फोटक खेल है।” भविष्य की योजनाओं पर संकेत देते हुए प्रणय ने बताया कि उनका शरीर उन्हें करियर को लेकर कोई कड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकता है, लेकिन उससे पहले वह एक आखिरी विश्व चैंपियनशिप में जरूर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, “शायद एक और। आप कुछ और साल खेलना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा से ज्यादा एक साल और… वह भी अगर मैं सचमुच कड़ी मेहनत करूं।”

