नई दिल्ली : अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार को भारत ने बांग्लादेश के हाथों से लगभग जीत छीन ली। बारिश से बाधित इस मुकाबले में डकवर्थ–लुईस नियम के तहत बांग्लादेश को 29 ओवर में 165 रन का संशोधित लक्ष्य मिला था। लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की टीम एक समय बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी, जब उसे 47 गेंदों में 59 रन बनाने थे और सात विकेट अभी बाकी थे। बांग्लादेश ने 40 रन के अंदर 7 विकेट गंवा दिए। भारत की शानदार वापसी में स्पिनर्स के साथ साथ फील्डिंग का भी योगदान था। इसमें वैभव सूर्यवंशी का एक शानदार कैच शामिल है, जिसने मैच पलटने में अहम भूमिका निभाई। मामला बांग्लादेश की पारी के 25वें ओवर की दूसरी गेंद का है। समियुन बसीर रतुल ने विहान मल्होत्रा की गेंद पर शॉट खेला।
बाउंड्री पर कमाल, वैभव सूर्यवंशी ने छक्का रोककर पकड़ा शानदार कैच
लॉन्ग ऑफ पर तैनात वैभव सूर्यवंशी ने बेहतरीन फील्डिंग का नमूना पेश करते हुए छक्के की ओर जा रही गेंद को कैच में तब्दील कर दिया। उन्होंने पहले गेंद को हवा में उछाला, फिर बाउंड्री लाइन पार करने से पहले संतुलन बनाए रखा और दोबारा मैदान में आकर शानदार कैच लपक लिया। वैभव का यह कैच मुकाबले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उस समय बांग्लादेश की टीम 25.1 ओवर में 5 विकेट पर 129 रन बना चुकी थी और जीत के लिए उसे 25 गेंदों में 36 रन की जरूरत थी।
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ SKY का यादगार कैच
वैभव सूर्यवंशी के इस शानदार कैच ने एक बार फिर सूर्यकुमार यादव के ऐतिहासिक कैच की याद ताजा कर दी। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में सूर्यकुमार यादव ने आखिरी ओवर में हार्दिक पंड्या की पहली गेंद पर डेविड मिलर का अद्भुत कैच लपका था। अगर सूर्यकुमार वह कैच नहीं पकड़ पाते, तो भारत के लिए विश्व कप जीतना शायद बेहद मुश्किल हो जाता।
फील्डिंग के बाद बैटिंग में भी चमके वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी ने फील्डिंग के बाद बल्लेबाजी में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने 67 गेंदों में 72 रन की अहम पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वैभव ने यह तेजतर्रार पारी उस समय खेली, जब भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाज रन बनाने के लिए जूझ रहे थे। इसके अलावा अभिज्ञान कुंडू ने भी जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की और 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।

