नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक तीन टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें से दो में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने सीरीज की अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन लीड्स के बाद लॉर्ड्स टेस्ट भी हारने के बाद अब वह बैकफुट पर आ गई है। इन दो लगातार हारों से न केवल सीरीज में इंग्लैंड को बढ़त मिल गई है, बल्कि भारतीय टीम के लिए आगे का सफर और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि राहत की बात ये है कि तीसरे और चौथे मैच के बीच अंतर है, इसलिए भारतीय थिंक टैंक के पास सोचने और समझने का मौका है। लेकिन टेंशन भी है। अगला टेस्ट मेनचेस्टर में है, यहां के आंकड़े जब आप देखेंगे तो और भी चक्कर में पड़ जाएंगे।
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम होगा, खासकर भारत के लिए, जो सीरीज में पिछड़ चुका है। अब टीम इंडिया के पास वापसी का मौका होगा, जबकि इंग्लैंड अपनी बढ़त को अजेय बढ़त में बदलने के इरादे से मैदान में उतरेगा। पहले आपको भारतीय टीम के बारे में बताते हैं, क्योंकि ये काफी दुखद आंकड़े हैं। भारतीय टीम ने साल 1936 में पहली बार मेनचेस्टर में टेस्ट मैच खेला था। तब से लेकर साल 2014 तक यहां पर भारतीय टीम ने कुल मिलाकर 9 टेस्ट मैच खेल लिए हैं, लेकिन ताज्जुब की बात है कि यहां अभी तक एक भी मैच में जीत नसीब नहीं हुई है। हालांकि पिछले 11 साल से तो भारत ने यहां पर कोई मैच नहीं खेला है, लेकिन इस बार खेलना होगा।
अब अगर इंग्लैंड के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए। इंग्लैंड की टीम ने मेनचेस्टर में अब तक 84 टेस्ट खेले हैं और इसमें से 33 में उसे जीत मिली है और 15 में हार का सामना करना पड़ा है। 36 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। इंग्लैंड का ये होम ग्राउंड है, जाहिर है कि उनके लिए वहां खेलना आसान है, क्योंकि सभी खिलाड़ी वहां खेल चुके हैं। वहीं टीम इंडिया के कई खिलाड़ी तो ऐसे हैं, जो इस मैदान पर पहली बार खेलने लिए उतरेंगे। लॉर्ड्स में तब भी भारत ने जीत का स्वाद चखा था, इस बार तो वहां का मैच भी हाथ से निकल गया, अब मेनचेस्टर में क्या होगा, ये देखना दिलचस्प रहने वाला है।
खास बात यह भी है कि मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज इंग्लैंड के जो रूट हैं। उन्होंने इस मैदान पर कई बार अपनी क्लासिक बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए टीम को मुश्किल हालात से उबारा है। जो पिछले ही मैच में शतक लगाकर आ रहे हैं। रूट ने मेनचेस्टर में अब तक 11 मैच खेलकर 978 रन बनाए हैं। यहां उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक दर्ज हैं। दरअसल उन्होंने 254 रनों की पारी खेली थी। इससे समझा जा सकता है कि रूट को ये मैदान कितना पसंद है। कहीं फिर से उनका बल्ला चला तो फिर भारतीय टीम के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

