भारत की अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी
“वसुधैव कुटुम्बकम” विजन के साथ भारत की 2030 गेम्स की दावेदारी
लंदन. भारत ने आधिकारिक तौर पर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए बोली पेश कर दी है। गुजरात के खेल मंत्री हर्ष सांघवी ने शुक्रवार को लंदन में यह प्रस्ताव कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के सामने रखा। अहमदाबाद को मेजबान शहर के रूप में चुना गया है, और इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स की 100वीं सालगिरह भी होगी। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए बोली राष्ट्रीय खेल दिवस पर पेश की गई, जो हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
अहमदाबाद कॉम्पैक्ट सिटी मॉडल पर गेम्स की मेजबानी करेगा। इसका मतलब है कि खेल स्थल, प्रशिक्षण सुविधाएं और खिलाड़ियों का ठहरने का इंतजाम सभी एक-दूसरे के पास होंगे। हर्ष सांघवी ने कहा कि भारत का विजन “वसुधैव कुटुंबकम” और “अतिथि देवो भव” है, और आयोजन में पर्यावरण संरक्षण और मानवाधिकारों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहा कि यह बोली भारत को प्रमुख खेल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
केंद्रीय कैबिनेट ने 27 अगस्त को बिडिंग प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जबकि इससे पहले 14 अगस्त को भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने इसे हरी झंडी दिखाई थी। नवंबर के अंत तक फैसला हो जाएगा कि भारत को मेजबानी मिलेगी या नहीं। कनाडा के रेस से बाहर होने के बाद भारत की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। पिछले महीने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के निदेशक डैरेन हॉल की टीम ने अहमदाबाद में खेल स्थलों का दौरा किया और अधिकारियों के साथ मीटिंग की।
भारत अब तक 3 मल्टी-स्पोर्ट्स गेम्स की मेजबानी कर चुका है, जिनमें 1951 और 1982 के एशियन गेम्स और 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स शामिल हैं। देश 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भी तैयारी कर रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स बिडिंग की प्रक्रिया में पांच स्टेप्स होते हैं, जिसमें आवेदन, राष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी की मंजूरी, सरकार की मंजूरी, स्थल निरीक्षण और फाइनल होस्ट का चयन शामिल है। अहमदाबाद में तैयार किए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और सुविधाएं इस बड़ी प्रतियोगिता के लिए तैयार की जा रही हैं।

