नई दिल्ली: भारत के युवा दल को विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के मिक्स्ड टीम सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन इंडोनेशिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। गुवाहाटी में खेले गए इस अहम मुकाबले में इंडोनेशिया ने मेजबान भारतीय टीम को 45-35 और 45-21 के स्कोर से हराया। हालांकि नतीजा भले ही भारत के पक्ष में न गया हो, लेकिन यह प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। इस हार के बावजूद भारत को कांस्य पदक से नवाजा गया — जो इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में भारत का अब तक का पहला मेडल है। भारतीय टीम के इस प्रदर्शन ने न केवल देश का नाम रोशन किया, बल्कि भविष्य के लिए नई उम्मीदें भी जगाईं।
भारत ने इससे पहले गुरुवार 9 अक्टूबर को पूर्व चैंपियन कोरिया पर क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज की थी। हालांकि शुक्रवार को भारत इस लय को बरकरार नहीं रख पाया और टीम इंडोनेशिया से हार गई। वहीं इसी के साथ भारत को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इंडोनेशिया का अब फाइनल में गोल्ड के लिए 14 बार के चैंपियन चीन और जापान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगी।
भारतीय टीम को अब सिंगल इवेंट में उन्नति हुड्डा से काफी उम्मीद थी। अगर उनको जीत नहीं मिली तो बाकी दल से इसकी उम्मीद काफी कम थी। लेकिन उन्नति का प्रदर्शन एकल मुकाबले में थलिता विर्यवान के खिलाफ खास नहीं रहा। मगर फिर भी उन्होंने भारत को 18-16 की बढ़त के साथ आगे रखा। दूसरी तरफ इंडोनेशिया नंबर एक खिलाड़ी मोहम्मद उबैदिल्लाह (जूनियर वर्ग) ने रौनक चौहान को 11-5 से हराकर भारत को फिर पछाड़ा।
मिश्रित युगल वर्ग में भारत की लालरामसांगा और विशाखा टोप्पो की जोड़ी ने शानदार शुरुआत करते हुए 9-3 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, इसके बाद इंडोनेशिया की इखसान प्रमुद्या और रिंजानी नास्तिने की जोड़ी ने जबरदस्त वापसी की और 10-9 से गेम अपने नाम कर लिया। इस बढ़त को भुनाते हुए इंडोनेशिया की नास्तिन और रिस्का अंगग्रेनी ने पहला सेट 45-35 से जीत लिया। दूसरे सेट में भी भारतीय टीम वापसी नहीं कर सकी और मुकाबला इंडोनेशिया के पक्ष में चला गया। अब चैंपियनशिप का व्यक्तिगत स्पर्धाओं का दौर सोमवार, 13 अक्टूबर से रविवार, 19 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें भारतीय खिलाड़ी पदक की नई उम्मीदों के साथ उतरेंगे।

