नई दिल्ली : दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी सुनील छेत्री और संदेश झिंगन सहित अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने मंगलवार (11 नवंबर) को एक संयुक्त बयान जारी किया और प्रशासकों से इंडियन सुपर लीग (ISL) का नया सत्र जल्द से जल्द शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनका गुस्सा और हताशा अब व्याकुलता में बदल गई है। यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारतीय फुटबॉल संकट का सामना कर रहा है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने पिछले सप्ताह बताया था कि 16 अक्टूबर को ISL के वाणिज्यिक अधिकारों के लिए जारी अनुरोध (RFP) पर उन्हें कोई बोली नहीं मिली।
इस आरएफपी में लीग के वाणिज्यिक और मीडिया अधिकारों के लिए 15 साल के अनुबंध के लिए बोलियां आमंत्रित की गई थीं। इससे देश की प्रमुख फुटबॉल प्रतियोगिता, ISL, का भविष्य अनिश्चितता में आ गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टार डिफेंडर संदेश झिंगन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “अभी जिस स्थिति में हम हैं, वहां से देरी करना उचित नहीं होगा। कोच, प्रशंसक, स्टाफ और खिलाड़ियों के लिए सब कुछ ठहर गया है। हमने कड़ी मेहनत की है, कई त्याग किए हैं और हम अपने सत्र को बिना पूरा किए समाप्त नहीं होने देना चाहते।”
भारतीय फुटबॉल का भविष्य अनिश्चित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार झिंगन ने कहा, “पूरा भारतीय फुटबॉल तंत्र अनिश्चितता में फंसा हुआ है। सपने ठहर गए हैं और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हर दिन हम इंतजार में बिताते हैं और बेचैनी महसूस करते हैं। हमें तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।” स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री और गोलकीपर गुरप्रीत वालिया सहित भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं और अपना संदेश साझा किया।
गुस्सा और हताशा के बाद अब व्याकुलता छाई
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ियों ने बयान में कहा, ‘‘हम इंडियन सुपर लीग में खेलने वाले पेशेवर फुटबॉलर मिलकर यह अपील करते हैं कि हम इंडियन सुपर लीग का सत्र शुरू करने के लिए एकजुट हैं। सीधे शब्दों में कहें तो हम खेलना चाहते हैं ।’’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बयान में कहा गया है, ‘‘हमारे गुस्से, हताशा और परेशानी की जगह अब व्याकुलता ने ले ली है। हम उस खेल को खेलने के लिए बेताब हैं जिसे हम प्यार करते हैं। हम अपने परिवार और प्रशंसकों के लिए खेलने को लेकर बेताब हैं जो हमारे लिए सब कुछ हैं।’’
मोहन बागान को ट्रेनिंग सत्र रोकना पड़ा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छेत्री ने इसके अलावा इंस्टाग्राम पर लिखा, “हम सभी एकजुट हैं और अपने पसंदीदा खेल को फिर से शुरू करने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।” बयान में खेल प्रशासकों से आग्रह किया गया कि वे मौजूदा संकट का समाधान खोजें। इसी कारण मोहन बागान जैसे प्रमुख क्लबों को अपना प्रशिक्षण सत्र रोकना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बयान में आगे कहा गया, “यह देश में फुटबॉल को संचालित करने वाले सभी लोगों से अपील है कि वे सत्र को शुरू करने के लिए सभी संभव कदम उठाएं। भारत को प्रतिस्पर्धात्मक फुटबॉल की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है।”
खेल को तुरंत शुरू करने के लिए पूरी तैयारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ियों ने बयान में कहा, “जहां तक हमारी बात है, हम पूरी तरह प्रतिबद्ध और पेशेवर हैं, और जैसे ही हमें आदेश मिलेगा, हम तुरंत खेलने के लिए तैयार हैं। हम इस अद्भुत खेल को संचालित करने वाले लोगों से बस यही अपेक्षा रखते हैं कि वे हमारी बेचैनी और हताशा को गंभीरता से समझें। पिछले लंबे समय से हम खुद को अंधेरी सुरंग में महसूस कर रहे हैं और हमें तुरंत रोशनी की आवश्यकता है।”

