नई दिल्ली: रविवार (27 अक्टूबर) को भारत और बांग्लादेश के बीच खेले जाने वाला महिला वर्ल्ड कप 2025 का अंतिम लीग मैच बारिश की वजह से रद्द कर दिया गया। हालांकि, इस मुकाबले के दौरान टीम इंडिया को एक बड़ी चिंता ने घेर लिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में खेल रही टीम की इन-फॉर्म ओपनर प्रतिका रावल फील्डिंग करते समय घायल हो गईं। पैर में चोट लगने के चलते वह स्मृति मंधाना के साथ पारी की शुरुआत करने मैदान पर नहीं उतर सकीं।
प्रतिका टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने 51.33 के औसत से 6 पारियों में 308 रन बनाए हैं। मंधाना ने सबसे ज्यादा 7 पारियों में 60.83 के औसत से 365 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 30 अक्टूबर को सेमीफाइनल पहले प्रतिका चोटिल होना भारत के लिए बड़ा झटका है।
फील्डिंग के दौरान लगी प्रतिका रावल को चोट
बांग्लादेश के खिलाफ मैच रद्द होने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बताया कि टीम प्रतीका रावल की चोट को लेकर मेडिकल टीम की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मैच के दौरान प्रतिका को यह चोट बांग्लादेश की पारी के 21वें ओवर में लगी थी। वह डीप मिडविकेट पर फील्डिंग कर रही थीं, जब डीवाई पाटिल स्टेडियम के गीले मैदान में उनका पैर फंस गया और इस दौरान उनका दाहिना टखना मुड़ गया।
हरमनप्रीत कौर ने प्रतिका की चोट पर क्या कहा?
प्रतिका रावल की चोट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, “प्रतीका पर मेडिकल टीम लगातार नज़र रख रही है और उम्मीद है कि वे जल्द ही अपडेट देंगे। यह हमारे लिए बेहद अहम मुकाबला है क्योंकि सेमीफाइनल का दांव लगा हुआ है। हमने लीग चरण में शानदार क्रिकेट खेला है और हर खिलाड़ी ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया है। हम उसी लय को बरकरार रखते हुए आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।”
डेड रबर मुकाबले में प्रतिका रावल हुईं चोटिल
इसी मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार शतक जड़कर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाली प्रतिका रावल टीम की अहम खिलाड़ी रही हैं। हालांकि, टीम इंडिया के लिए निराशाजनक बात यह रही कि उन्हें चोट उस मुकाबले में लगी जो पहले से ही डेड रबर था और नवी मुंबई में लगातार बारिश के कारण पूरा नहीं खेला जा सका। भारत ने 27 ओवर में 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब 8.4 ओवर में बिना किसी विकेट के 57 रन बना लिए थे, तभी बारिश दोबारा शुरू हो गई और मैच अधूरा रह गया।

