नई दिल्ली : अहमदाबाद में जब भी टीम इंडिया नीली जर्सी में मैदान पर उतरती है, तो हर भारतीय क्रिकेट फैन के दिल-ओ-दिमाग में 19 नवंबर 2023 की वह भावुक रात ताजा हो जाती है। यही वह मैदान था जहां करीब एक लाख दर्शकों की मौजूदगी में माहौल पूरी तरह भावनाओं से भर गया था और कप्तान रोहित शर्मा की आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। उस हार की टीस लंबे समय तक याद रही, लेकिन इसके बाद भारत ने आईसीसी टूर्नामेंट में लगातार 825 दिनों तक एक भी मैच नहीं गंवाया। अब एक बार फिर वही मैदान और वैसी ही हार पुरानी यादों को ताजा कर गई है।
मगर फिर इसी मैदान पर आकर आईसीसी टूर्नामेंट में एक बार फिर से तकरीबन एक लाख भारतीय क्रिकेट फैंस का दिल टूट गया। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में भारतीय टीम अपना पहला मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ यहीं हार गई। इसी मैदान पर आईसीसी टूर्नामेंट में आखिरी हार मिली थी। उसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज तक लगातार 17 मुकाबले भारत ने जीते थे। अब 825 दिन बाद आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया का विजय रथ थम गया।
मार्कराम की पारी से खामोश हुआ नरेंद्र मोदी स्टेडियम
जिस तरह 19 नवंबर 2023 को लाखों दर्शकों से खचाखच भरे अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने शानदार प्रदर्शन के दम पर वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल जीतकर भारतीय प्रशंसकों को शांत कर दिया था, ठीक उसी तरह 22 फरवरी 2026 को साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्कराम ने भी अपने खेल से स्टेडियम की गूंज थाम दी। उन्होंने न केवल मैच पर पकड़ बनाई, बल्कि टीम इंडिया की कमियों को भी उजागर कर दिया। इस जीत ने यह साफ कर दिया कि पिछले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार से साउथ अफ्रीका ने बड़ा सबक लिया है और वह पहले से कहीं ज्यादा तैयार होकर मैदान में उतरी है।
इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका की टीम ने चैंपियन की तरह खेला। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन टीम इंडिया ने प्रोटियाज के सामने एकदम सरेंडर कर दिया। साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी को अपनी उंगली पर नचाया। भारतीय बल्लेबाज चाह कर भी शॉट नहीं खेल पा रहे थे। आखिरी के ओवर्स में शिवम दुबे इतना खीज गए कि लगातार बल्ला चलाने के बाद भी हिट नहीं जा रहा था।
यही कारण था कि 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए हमारी टीम 111 रन पर ही ढेर हो गई। भारतीय बल्लेबाजी की प्रोटियाज ने पोल खोल दी। इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए कि क्या पिछले 2 साल में लगातार टी20 सीरीज जीतने वाली इस टीम की तैयारियां खोखली थीं? फिर अक्षर पटेल जो आपके उपकप्तान हैं उन्हें अचानक बाहर कर देना, यह भी भारतीय मैनेजमेंट पर कई सवाल उठाता है। इसे टीम इंडिया का, कप्तान सूर्यकुमार यादव का ओवरकॉन्फिडेंस भी कहा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब सबकी निगाहें 26 फरवरी को होने वाले सुपर 8 के अगले मुकाबले पर टिकी होंगी, जहां टीम इंडिया का सामना जिम्बाब्वे से होगा। यह मुकाबला आसान बिल्कुल नहीं रहने वाला, क्योंकि जिम्बाब्वे को हल्के में लेना बड़ी भूल साबित हो सकता है। इस टीम ने टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराया, श्रीलंका को उसी के घर में मात दी और अजेय रहते हुए सुपर 8 में जगह बनाई है। ऐसे में भारत को हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। अब स्थिति साफ है—या तो टीम इंडिया इस हार को रियलिटी चेक की तरह लेकर जोरदार वापसी करते हुए खिताब की ओर बढ़ेगी, या फिर यह हार उसके अभियान के अंत की शुरुआत साबित हो सकती है।

