फुझोंऊ (चीन) । रियो ओलिंपिक रजत पदक विजेता भारत की पीवी सिंधु ने पहला गेम हारने के बाद गजब की वापसी करते हुए कोरिया की सुंग जी ह्यून को एक घंटे 24 मिनट के मैराथन संघर्ष में 11-21, 23-21, 21-19 से हराकर चाइना ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स फाइनल में प्रवेश कर लिया। रियो ओलिंपिक के बाद सिंधु पहली बार किसी स्पर्धा के फाइनल में पहुंची हैं। सिंधु का फाइनल में आठवीं वरीयत प्राप्त चीन की सुन यू के साथ मुकाबला होगा। सुन यू ने सेमीफाइनल में पांचवीं सीड ताइपे की तेई जू जिंग को 46 मिनट में 21-8, 23-21 से हराया। सातवीं सीड सिंधु ने छठी वरीयता प्राप्त सुंग के खिलाफ हार के कगार से वापसी करते हुए जीत हासिल की। पहला गेम सस्ते में हार जाने के बाद सिंधु दूसरे गेम में 17-20 से पीछे थीं और ह्यून के पास मैच अंक था। लेकिन सिंधु ने लगातार चार अंक लेकर 21-20 की बढ़त बनाई और फिर 23-21 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।
निर्णायक गेम में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ। सुंग ने 7-3 और 8-5 की बढ़त बनाई। लेकिन सिंधु ने उन्हें 8-8 की बराबरी पर जा पकड़ा। सिंधु 13-13 की बराबरी के बाद 15-13 और 18-16 से आगे हुईं और 21-19 से मैच समाप्त किया।
ह्यून ने फिर स्कोर 18-18 कर दिया।
ओलिंपिक रजत विजेता सिंधु ने अपना तमाम अनुभव झोंकते हुए लगातार दो अंक लिए और 20-18 का स्कोर करने के बाद 21-19 से गेम तथा मैच समाप्त कर दिया। सिंधु की वापसी वाकई हैरतअंगेज रही क्योंकि सुंग ने पहला गेम 21-11 से जीत लिया था। विश्व में 11वीं रैंकिंग का सिंधु का ह्यून के खिलाफ 5-3 का रिकॉर्ड था जिसे अब उन्होंने 6-3 पहुंचा दिया है। सिंधु इस वर्ष ह्यून को मलेशिया ओपन और मलेशिया मास्टर्स में हरा चुकी हैं।
चेन लोंग ओर जोर्गेनसन फाइनल में
पुरुष वर्ग का फाइनल दूसरी सीड चीन के चेन लोंग और चौथी सीड डेनमार्क के जॉन ओ जोर्गेनसन के बीच खेला जाएगा। चेन लोंग ने तीसरी सीड डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन को एक घंटे नौ मिनट में 21-18, 9-21, 21-14 से हराया जबकि जोर्गेनसन ने मलेशिया के इस्कंदर जुल्कारनैन को 58 मिनट में 22-20, 20-22, 21-7 से हराया।