नई दिल्ली : रणजी ट्रॉफी 2025 के चौथे मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की टीम ने दिल्ली को हराकर इतिहास रचा है। 65 साल के लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर ने इस टूर्नामेंट में दिल्ली को पहली बार मात दी। अरुण जेठली स्टेडियम, दिल्ली में खेले गए इस मुकाबले में पारस डोगरा की कप्तानी वाली टीम ने 7 विकेट से शानदार जीत हासिल की। जीत में पारस डोगरा और कामरान इकबाल की शतकीय पारियों ने अहम योगदान दिया।
42 मैचों के बाद जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक जीत का पल
1960 रणजी ट्रॉफी में पहली बार दिल्ली और जम्मू कश्मीर का सामना हुआ था। इस मैच से पहले तक दिल्ली ने जम्मू कश्मीर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में कुल 42 मैचों में से 37 में जीत दर्ज की थी और चार मैच ड्रॉ हुए थे। जबकि एक मुकाबला बेनतीजा था। यानी 65 साल बाद, 42 मैचों के इंतजार के बाद अब 43वें मुकाबले में जम्मू कश्मीर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार दिल्ली को रणजी ट्रॉफी मैच में मात दी है। दिल्ली के बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला तो जम्मू कश्मीर की तरफ से खिलाड़ियों ने शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन किया।
पारस डोगरा और कामरान इकबाल की दमदार शतकीय पारियाँ
इस मुकाबले की बात करें तो जम्मू-कश्मीर की ओर से पहली पारी में कप्तान पारस डोगरा ने शानदार शतक लगाते हुए 106 रन बनाए। दूसरी पारी में 179 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर कामरान इकबाल ने 147 गेंदों में नाबाद 133 रन की धुआंधार पारी खेली। टीम ने केवल तीन विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल किया। अंत तक कामरान के साथ कप्तान पारस डोगरा भी 10 रन बनाकर नाबाद रहे।
इस मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली की टीम सिर्फ 211 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी, जिसमें आकिब नबी ने पांच विकेट अपने नाम किए। इसके बाद जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली पारी में पारस डोगरा के शतकीय योगदान से 310 रन बनाए और दिल्ली पर 99 रनों की बढ़त हासिल की। दिल्ली ने दूसरी पारी में 277 रन बनाए, जिसमें वंशज शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के लिए छह विकेट झटके। फिर 179 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर ने कामरान इकबाल के शतक की मदद से मुकाबला 7 विकेट से आसानी से जीत लिया।

